महादेव ऑनलाईन सट्टा केस में ACB की बड़ी कार्यवाही, तीन आरोपीयों को किया गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ एसीबी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुये महादेव सट्टा से जुड़े तीन आरोपियों को पकड़ा है। आरोपी अलग-अलग राज्यों में ओटीपी सेंटर खोलकर महादेव ऐप से जुड़े मोबाइल नंबरों को रिचार्ज और उनमें आये ओटीपी को बताने का काम करते थे। एसीबी को जानकारी मिलते ही चार राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में रेड कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार किया।

महादेव बुक ऑनलाईन सट्टा मामले के अंतर्गत ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध कमांक-06/2024, धारा 420, 467, 468, 471, 201, 120बी भा.द.वि. धारा 7. 7 (A) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथासंशोधित भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018), धारा 4. 7. 8. 11 छ.ग. जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 तथा धारा 4क सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 (यथासंशोधित सार्वजनिक द्यूत (म.प्र. संशोधन) अधिनियम, 1976) में विवेचना की जा रही है।

इसी क्रम में एसीबी की टीम को महादेव बुक मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि, देश भर में चलने वाले पैनल से जुड़े हुए व्हाट्सअप नंबर अलग-अलग राज्यों में सेंटर बनाकर रखे गये हैं। इन सेंटरों को ओटीपी सेंटर के नाम से जाना जाता है। इन सेंटरों में फिजिकल सिम को रिचार्ज करने और ओटीपी प्राप्त करने के लिये रखा जाता है जबकि इन नंबर्स का व्हाट्सअप दुबई के हेड ऑफिस से ऑपरेट किया जाता है। इन नंबरों को महादेव बुक से जुड़े हुए अलग-अलग प्लेटफार्म जैसे रेड्डी अन्ना, फेयर प्ले. लोटस, लॉयन बुक, डायमंड बुक, सीबीटीएफ बुक. अंबानी बुक आदि के कस्टमर केयर नंबर के नाम से जाना जाता है। इन नंबरों के व्हाट्सअप में मैसेज करने से ऑटो जनरेटेड मैसेज प्राप्त होते हैं कि किस एकाउंट में पैसे डिपाजिट करने हैं, कैसे सट्टा खेलने के लिये आईडी मिलेगी।

टीम द्वारा इस संबंध में देश भर के 4 राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ के दर्जन भर से अधिक सेंटर्स एक साथ रेड कार्रवाई की गई और इस सिम एक्टिवेशन और ओटीपी ग्रुप से जुड़े हुए 3 आरोपी अतुल सिंह परिहार निवासी भिलाई, विश्वजीत राय चौधरी निवासी भिलाई तथा भारत ज्योति पाण्डेय, निवासी ग्राम मंगीतपुर, जिला रोहतास, बिहार को गिरफ्तार कर 100 से अधिक मोबाईल, लैपटॉप एवं 500 से अधिक सिम जब्त किये गये हैं। सभी सिम देश भर में चल रहे लगभग 500 पैनलों से जुड़े हुए हैं।

सिम मिलने से ब्यूरो को इन सभी पैनल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। आरोपियों द्वारा ऊंची कमीशन पर कार्पोरेट बैंक खाते (ऐसे बैंक खाते, जिनमें अनलिमिटेड यूपीआई पेमेंट हो सकते हैं) भी दिये जाते थे। यह महादेव बुक के खिलाफ इस प्रकार की पहली कार्यवाही है। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया है। इनसे पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण खुलासा किये जाने की सम्भावना है। प्रकरण में पूछताछ एवं अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।

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