अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत मध्यप्रदेश के ₹2,753 करोड़ से अधिक के शहरी विकास प्रस्तावों को केंद्र की स्वीकृति प्राप्त हुई

अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत मध्यप्रदेश के ₹2,753 करोड़ से अधिक के शहरी विकास प्रस्तावों को केंद्र की स्वीकृति प्राप्त हुई

इंदौर, जबलपुर और रीवा में सुदृढ़ होगा बुनियादी ढाँचा; उज्जैन के 11 मंदिर परिसरों के कायाकल्प से धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई गति

भोपाल

मध्यप्रदेश के सुनियोजित नगरीय विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। 'अर्बन चैलेंज फंड' योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रस्तुत विभिन्न महत्वाकांक्षी शहरी विकास परियोजनाओं को केन्द्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। नई दिल्ली में आयोजित बैठक में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव कटिकिथला श्रीनिवास तथा अपर सचिव श्रीमती थारा ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का सूक्ष्मता से अवलोकन कर अपनी सहमति व्यक्त की।

बैठक में इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण नगरीय विकास एवं आवास विभाग अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा किया गया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे, अपर आयुक्त दिव्यांक सिंह सहित विभाग एवं विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े अधिकारी व विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

₹2,753.10 करोड़ की विकास योजनाओं में 25% का केंद्रीय अंशदान

केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹2,753.10 करोड़ है। वित्तीय व्यवस्था के अंतर्गत इसमें अर्बन चैलेंज फंड का 25 प्रतिशत अंश शामिल है, जो कि ₹688.28 करोड़ है। स्वीकृत प्रस्तावों के तहत प्रदेश के प्रमुख महानगरों में बुनियादी ढाँचे को अत्यधिक मजबूत और आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें इंदौर की जल प्रदाय (डिस्ट्रीब्यूशन) योजना एवं सीवरेज परियोजना के उन्नयन व आधुनिकीकरण, जबलपुर की जल प्रदाय एवं सीवरेज परियोजना तथा रीवा की सुव्यवस्थित जल प्रदाय योजना को सम्मिलित किया गया है।

उज्जैन के धार्मिक स्थलों का होगा समग्र विकास, बनेगा भव्य कॉरिडोर

धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के केंद्र उज्जैन के लिए यह स्वीकृति अत्यंत ऐतिहासिक सिद्ध होगी। उज्जैन में प्रस्तावित 11 मंदिर परिसरों के समग्र विकास एवं कॉरिडोर निर्माण की भव्य परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसका क्रियान्वयन उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत मुख्य रूप से भगवान कालभैरव, मंगलनाथ, अंगारेश्वर महादेव, महर्षि संदीपनी आश्रम, शनि मंदिर, भूखी माता तथा आगर स्थित प्रसिद्ध माँ बगलामुखी माता मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों को बेहतर व सुसज्जित संपर्क मार्गों तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं से जोड़ने का व्यापक प्रस्ताव है। इस व्यवस्था से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम, और उच्च गुणवत्तायुक्त आधारभूत सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को एक नई ऊंचाई और गति मिलेगी।

आत्मनिर्भरता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल

अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से राज्य में ऐसे शहरी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो नागरिकों को उच्च स्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शहरों के समग्र, सुनियोजित एवं सतत् (सस्टेनेबल) विकास को तीव्र गति प्रदान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। दुबे ने संबंधित अधिकारियों को कहा कि स्वीकृत की गई सभी परियोजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की आगामी कार्यवाही पूर्णतः निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा समयबद्ध पद्धति से पूरी की जाए, जिससे आमजन को यथाशीघ्र इसका लाभ मिल सके।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786