योगी सरकार में संभव हुआ मां कौशल्या की पहली शोभायात्रा का आयोजन

अयोध्या

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। राम मंदिर निर्माण और दीपोत्सव जैसे आयोजनों के साथ अब रामायण कालीन परंपराओं को भी सामने लाने के प्रयास हो रहे हैं। इसी क्रम में अक्षय तृतीया पर पहली बार निकाली गई मां कौशल्या और रामलला को समर्पित शोभायात्रा दीपोत्सव-2026 के बीच चर्चा में है। कौशल्या महिला मंडल की इस पहल का उद्देश्य भगवान श्रीराम की जननी माता कौशल्या के गौरव को जन-जन तक पहुंचाना है।

महिला संत डॉ. सुनीता शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ था। इसी युग में भगवान श्रीराम का अवतार हुआ और माता कौशल्या ने उन्हें जन्म दिया। इसी महत्व को देखते हुए शोभायात्रा निकालने का संकल्प लिया गया।

रामायण कालीन परंपराओं को मिल रही पहचान

डॉ. सुनीता शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के साथ उनकी जननी माता कौशल्या का गौरव भी समाज के सामने आना चाहिए। इसी उद्देश्य से कौशल्या महिला मंडल ने पहली बार अक्षय तृतीया पर शोभायात्रा निकाली। इस पहल के माध्यम से माता कौशल्या के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

योगी सरकार में बना सांस्कृतिक आयोजनों का वातावरण

महिला संत ने बताया कि शोभायात्रा के आयोजन में डॉ. अनिल मिश्र और राम जन्मभूमि से जुड़े नरेंद्र जी का विशेष मार्गदर्शन और सहयोग मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, दीपोत्सव और धार्मिक आयोजनों से सांस्कृतिक विरासत को नया मंच मिला है। इसी वातावरण में रामायण से जुड़े पात्रों और परंपराओं को भी व्यापक पहचान मिल रही है।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786