नई दिल्ली
त्योहारों पर साफ सफाई बेहतर बनाने के लिए MCD लंबे समय से कॉन्ट्रैक्ट पर सफाई कर्मचारी लगाने की प्लानिंग पर काम कर रही थी। MCD ने एक कंपनी को 2000 सफाई कर्मचारियों को तीन महीने के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी दे दिया था। सोमवार को मेयर प्रवेश वाही सहित कई नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने इस ऐतिहासिक फैसले के बारे में बताया। लेकिन, प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटे बाद ही BJP नेताओं को अपना यह फैसला वापस लेना पड़ा। मंगलवार को मेयर ने इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी। इस दौरान डिप्टी मेयर डॉक्टर मोनिका पंत और नेता सदन जयभगवान यादव सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।
जानकारों का कहना है कि BJP ने यह ऐतिहासिक फैसला यूं ही वापस नहीं लिया। दरअसल, जब से कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की सुगबुगाहट शुरू हुई थी, सफाई कर्मचारियों की यूनियनों के अलावा सभी यूनियनों की कोर कमेटी लगातार इस फैसले का विरोध कर रही थी। उनका कहना था कि एक तरह से MCD बैक डोर से निजीकरण की शुरुआत कर रही है। सोमवार को जब BJP नेता इस फैसले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे तब भी यूनियनों के प्रतिनिधि बाहर हंगामा कर रहे थे, लेकिन उस वक्त नेताओं ने विरोध को गंभीरता से नहीं लिया।
त्योहारों में सफाई व्यवस्था बिगड़ने के डर से बदला फैसला
लेकिन, रात होते होते नेताओं को यूनियन नेताओं के विरोध की गंभीरता समझ में आ गई। उन्हें इसका भी अहसास हो गया कि त्योहारों के सीजन में यदि MCD यूनियनों से टकराव होता है तो सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है। इसी डर से यह फैसला वापस लेना पड़ा।
सफाई कर्मचारियों की भर्ती पर मेयर का बड़ा ऐलान
मंगलवार को मेयर सहित अन्य BJP नेताओं के साथ MCD यूनियनों की कोर कमेटी ने मीटिंग की। मीटिंग में मेयर प्रवेश वाही ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तीन महीने के लिए 2000 कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने के फैसले को वापस लिया जाता है। कोर कमेटी के चेयरमैन जयभगवान चारण ने BJP नेताओं द्वारा सफाई कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने के फैसले को वापस लेने पर खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि MCD सफाई कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की जगह उन्हें मस्ट्रोल पर रखे। इससे गरीबों को रोजगार मिलेगा।








