पटना
बिहार के युवाओं को पायलट बनने के लिए अब दूसरे राज्यों का रुख करने की जरूरत कम पड़ सकती है। राज्य सरकार पटना के बाद सहरसा हवाई पट्टी पर उड़ान प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी में है।
इसके लिए मेसर्स जीआरडी एयर एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड को एक हजार वर्ग मीटर जमीन 30 साल के लिए पट्टे पर देने की मंजूरी मिल गई है। यह राज्य का दूसरा पायलट प्रशिक्षण संस्थान होगा।
बेहतर पायलट तैयार करना लक्ष्य
सिविल विमानन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकार की इस पहल का मकसद सहरसा हवाई पट्टी का बेहतर इस्तेमाल करना और बेहतर पायलट तैयार करने की व्यवस्था विकसित करना है।
यहां उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) स्थापित होने से युवाओं को पायलट बनने के साथ उड़ान प्रशिक्षक और विमानन क्षेत्र से जुड़े दूसरे कामों के लिए भी प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा। इससे विमानन क्षेत्र में रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
कंपनी अपने खर्च से तैयार करेगी सुविधाएं
प्रशिक्षण केंद्र बनाने और चलाने की जिम्मेदारी जीआरडी एयर एकेडमी की होगी। कंपनी अपने खर्च से भवन, विमान रखने के लिए हैंगर, पढ़ाई के लिए कक्ष, उड़ान सिम्युलेटर और दूसरी जरूरी सुविधाएं विकसित करेगी। केंद्र के लिए जरूरी ढांचा तैयार करने में राज्य सरकार को अपनी ओर से पूंजी खर्च नहीं करनी होगी।
सरकार को भी होगी कमाई
पायलट प्रशिक्षण संस्थान की जमीन 30 साल के लिए पट्टे पर देने के बदले राज्य सरकार को हर साल निर्धारित पट्टा शुल्क मिलेगा। इस तरह सरकार पर निर्माण का आर्थिक बोझ डाले बिना सहरसा हवाई पट्टी पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा सकेगा।
सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से बिहार में उड़ान प्रशिक्षण की क्षमता बढ़ेगी और यहां के युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।








