दीवाली पर रेलवे में सीटों की मारामारी, दिल्ली-भोपाल रूट की लंबी दूरी की ट्रेनें फुल

 ग्वालियर
 दीपावली पर परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन गई है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे दूरस्थ शहरों से ग्वालियर आने वाली ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची और नो-रूम की स्थिति है।

दिल्ली और भोपाल जैसे नजदीकी शहरों से आने वाले यात्रियों को भी छह और सात नवंबर को कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो रहा है। हालांकि आठ नवंबर यानी दीपावली के दिन कुछ ट्रेनों में सीटें उपलब्ध होने का विकल्प सामने आया है। ऐसे में दिल्ली और भोपाल से ग्वालियर आने वाले लोग त्योहार वाले दिन यात्रा करके भी परिवार के साथ दीपावली मना सकते हैं।

बता दें कि, इस बार दीपावली रविवार को है और मंगलवार को भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में नौकरी और व्यवसाय के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाले लोग दो-तीन दिन की अतिरिक्त छुट्टी लेकर परिवार के साथ अधिक समय बिताने की योजना बना रहे हैं।

यही वजह है कि त्योहार से पहले ही नहीं, बल्कि दीपावली के बाद भी ट्रेनों में यात्रियों का दबाव बना हुआ है। छुट्टियां समाप्त होने के बाद काम पर लौटने वालों के लिए भी कन्फर्म टिकट हासिल करना चुनौतीपूर्ण रहेगा।

नजदीकी शहरों से आने वालों को मिल सकता है विकल्प
दिल्ली और भोपाल से ग्वालियर की यात्रा में सामान्यतः तीन से चार घंटे के आसपास समय लगता है। ऐसे में जिन यात्रियों को छह और सात नवंबर को टिकट नहीं मिल रहा है, वे आठ नवंबर को चलने वाली ट्रेनों में उपलब्धता देखकर यात्रा की योजना बना सकते हैं।

हालांकि, सीटों की स्थिति ट्रेन, श्रेणी और समय के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए यात्रा से पहले आरक्षण की ताजा स्थिति देखना जरूरी है। बता दें कि आठ नवंबर को शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत सहित अन्य ट्रेनों में दिल्ली और भोपाल से ग्वालियर आने के लिए सीटें उपलब्ध हैं।

त्योहारों के लिए चलाई जा रही हैं विशेष ट्रेनें
रेलवे ने अतिरिक्त यात्री दबाव को देखते हुए कई विशेष ट्रेनों का संचालन निर्धारित अवधि के लिए किया है। इनमें ग्वालियर होकर गुजरने वाली खजुराहो-हजरत निजामुद्दीन, जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन और हजरत निजामुद्दीन-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी अनारक्षित विशेष ट्रेनें शामिल हैं।

इनसे दिल्ली, आगरा, मथुरा, झांसी और आसपास के शहरों के यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है। खजुराहो-हजरत निजामुद्दीन विशेष ट्रेन का संचालन 21 अक्टूबर से 18 नवंबर तक निर्धारित दिनों में किया जा रहा है।

वहीं, जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन विशेष ट्रेन का संचालन 14 नवंबर तक शनिवार को और वापसी में 15 नवंबर तक रविवार को निर्धारित है। हजरत निजामुद्दीन-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी अनारक्षित विशेष ट्रेन पांच से सात नवंबर तक दिल्ली से और छह से आठ नवंबर तक झांसी से चलाई जाएगी।

दीपावली के बाद भी बनी रह सकती है टिकटों की मारामारी
त्योहार के बाद नौकरी पर लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में पूरे सप्ताह प्रतीक्षा सूची बनी रहने की स्थिति बन सकती है। विशेष ट्रेनों के बावजूद नियमित ट्रेनों में मांग अधिक रहने से सभी यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलना आसान नहीं होगा। त्योहार के बाद वर्तमान में कुछ ट्रेनों में तो सीटें उपलब्ध हैं लेकिन नियमित संचालन वाली अधिकतम ट्रेनों में वेटिंग आने लगी है।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786