पंजाब में बाल विवाह पर सरकार की सख्ती, डेढ़ साल में 137 मामले रोके गए

चंडीगढ़
 पंजाब में बाल विवाह के खिलाफ अभियान के तहत वर्ष 2025 और जनवरी से जुलाई 2026 तक कुल 137 बाल विवाह रोके गए। इनमें 2025 में 64 और जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान 73 मामले शामिल हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डाक्टर बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार बच्चों के सुरक्षित बचपन, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए कानून का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभागों के बीच समन्वय और समय पर हस्तक्षेप से कई मामले रोके गए हैं।

2076 अधिकारी फील्ड में उतारे
मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 2,076 बाल विवाह रोकथाम अधिकारी नामित किए गए हैं। इनमें सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपल शामिल हैं। अधिकारी गांवों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने, संदिग्ध मामलों की पहचान करने और समय रहते कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का काम कर रहे हैं।

पंजाब सरकार ने 10 फरवरी 2025 को अधिसूचना जारी कर सभी 23 जिलों में जिला स्तरीय बाल विवाह रोकथाम इकाइयां बनाई थीं। ये इकाइयां संभावित मामलों में तत्काल हस्तक्षेप, बच्चों के बचाव एवं पुनर्वास और विभागों के बीच समन्वय में भूमिका निभाती हैं।

इस कुरीति के खत्म करना सामूजिक की जिम्मेदारी
बलजीत कौर ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के बचपन, शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य के अवसरों को प्रभावित करता है। इसे समाप्त करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों, पंचायती राज संस्थाओं, धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और युवाओं से अभियान में भाग लेने की अपील की। बाल विवाह की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत बताने का आग्रह भी किया, ताकि बच्चों के अधिकारों और भविष्य की रक्षा की जा सके।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786