तसर पालन से बीजापुर के ग्रामीणों की बढ़ेगी आय

रायपुर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तसर (कोसा) पालन को बढ़ावा देने के लिए भैरमगढ़ के कोसा बीज केंद्र में ग्रामीणों और हितग्राहियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस पहल के तहत अर्जुन और साजा के 5,000 पौधे तैयार किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए साधन बनेंगे।
            
बीजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तसर पालन को बढ़ावा देने और हितग्राहियों की आय बढ़ाने के लिए शासन की स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत मिन्कापल्ली, कोत्तापल्ली, गुदमा और भैरमगढ़ क्षेत्र के रेशम हितग्राहियों को 10 हजार स्वस्थ तसर डिम्ब समूह वितरित किए गए हैं। इस पहल से ग्रामीण परिवारों को तसर पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय और रोजगार का अवसर मिलेगा।

*1.40 लाख रुपये की सब्सिडी से मिला आर्थिक सहारा*
              
योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को लगभग 1.40 लाख रुपये की शासकीय सब्सिडी का लाभ मिला है। स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह मिलने से हितग्राही बेहतर तरीके से तसर पालन कर सकेंगे। इससे कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण कोसा उत्पादन प्राप्त करने की संभावना बढ़ेगी।

*वैज्ञानिक तरीके से तसर पालन का प्रशिक्षण*

स्वस्थ डिम्ब समूह एसएमटीसी, चेन्नूर (तेलंगाना) से प्राप्त कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराए गए हैं। रेशम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ हितग्राहियों को तसर पालन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। उन्हें डिम्ब समूहों की देखभाल, कीट प्रबंधन, पौधों की सुरक्षा और तसर पालन के विभिन्न चरणों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

*बेहतर उत्पादन से बढ़ेगी आमदनी*
              
विभाग द्वारा हितग्राहियों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि स्वस्थ डिम्ब समूहों का बेहतर पालन कर अधिक से अधिक कोसा उत्पादन किया जा सके। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की अतिरिक्त आय में वृद्धि होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार का साधन भी मिलेगा।

*आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते ग्रामीण परिवार*
               
स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना बीजापुर के ग्रामीण हितग्राहियों को पारंपरिक तसर पालन को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर दे रही है। गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह, शासकीय सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से तसर उत्पादकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
             
यह पहल न केवल जिले में तसर उत्पादन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी तैयार करेगी।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786