NH की स्ट्रीट लाइटें हुईं गायब, 20 फीट ऊंचाई से उतरीं तो जिम्मेदारों को भनक क्यों नहीं लगी?

मनेंद्रगढ़/एमसीबी
विकास और सुशासन के दावों के बीच मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की स्ट्रीट लाइटों के गायब होने का मामला अब सियासी तकरार का मुद्दा बन गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने सवाल उठाया कि बैकुंठपुर से मनेंद्रगढ़ की ओर आने वाले एनएच पर डिवाइडर की शुरुआत से नगर पालिका सीमा तक बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें गायब हैं। रात के समय मार्ग का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

मिश्रा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगी स्ट्रीट लाइटें आखिर जमीन पर आए बिना गायब कैसे हो गईं? यदि इन्हें हटाया गया या चोरी किया गया तो इसके लिए लिफ्टर अथवा बकेट वाहन की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में क्षेत्र में संचालित हाइड्रोलिक लिफ्टर वाहनों की जानकारी जुटाने और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने से सच्चाई सामने आ सकती है।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी संपत्ति गायब होने के बावजूद संबंधित विभाग को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। क्या सरकारी संपत्ति की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? यदि चोरी हुई है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि किसी स्तर से लाइटें हटाई गईं तो इसकी अनुमति किसने दी?

कांग्रेस नेताओं ने यह आशंका भी जताई कि कहीं किसी नगरीय निकाय की व्यवस्था संबंधी कमी को छिपाने के लिए एनएच की स्ट्रीट लाइटों को हटाने का प्रयास तो नहीं किया गया। हालांकि कांग्रेस ने इस पहलू को जांच का विषय बताते हुए कहा कि किसी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता व्यंकटेश सिंह ने कहा कि एनएच जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था प्रभावित होना केवल सरकारी संपत्ति का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा विषय है। वहीं महामंत्री स्नेहिल शुक्ला ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लाइटों का गायब होना सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

मंडल अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर लगी लाइटों को हटाने के लिए विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। इसलिए क्षेत्र में संचालित लिफ्टर और बकेट वाहनों की जानकारी जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जानी चाहिए। पार्षद इमरान खान और यश ताम्रकार ने तत्काल गायब लाइटों को बरामद कर पुनः स्थापित कराने की मांग की।

कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लिफ्टर वाहनों की पहचान की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, लाइटें हटाने वालों की पहचान की जाए और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। साथ ही गायब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल पुनः स्थापित कराया जाए।

सौरव मिश्रा ने कहा कि जनता को अंधेरे में छोड़कर विकास और सुशासन के दावों का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और इतनी बड़ी संख्या में लाइटें गायब होने के बावजूद जिम्मेदार तंत्र अब तक मौन क्यों रहा।

इस दौरान सौरव मिश्रा, व्यंकटेश सिंह, स्नेहिल शुक्ला, रंजन शर्मा, अजीत सिंह, शुभम सिंह, यश ताम्रकार, पार्षद इमरान खान, रामगोपाल यादव, संजय यादव, दीपक श्रीवास्तव, आकाश सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786