यूपी में शिक्षा सुधारों को नई गति देगा टीएलपीएस रिपोर्ट-2025 पर राज्य स्तरीय संवाद

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा सुधारों को योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, प्रभावी कक्षा-कक्षीय शिक्षण और सीखने के परिणामों में सतत सुधार को नई दिशा देने की रणनीति पर तेजी से कार्य कर रही है। मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के संयुक्त तत्वावधान में 'टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (टीएलपीएस) रिपोर्ट-2025, उत्तर प्रदेश' पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संवाद एवं सेमिनार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'नीति से व्यवहार तक संवाद' रखा गया है, जिसका उद्देश्य साक्ष्यों को क्रियान्वयन में बदलते हुए शिक्षा सुधारों को सीधे कक्षा-कक्ष तक पहुंचाना है। 

अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा करेंगे। इसमें शिक्षा नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शैक्षिक विशेषज्ञों, एसआरजी, एआरपी, बीईओ, शिक्षकों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। राज्य स्तर पर प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, अधिगम सुधार और भविष्य की शैक्षणिक रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

टीएलपीएस रिपोर्ट-2025 का होगा विमोचन
सेमिनार का प्रमुख आकर्षण टीएलपीएस उत्तर प्रदेश राज्य रिपोर्ट-2025 का विमोचन होगा। एलएलएफ द्वारा प्रदेश में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) के अंतर्गत किए गए राज्यव्यापी अध्ययन के निष्कर्ष, प्रमुख अंतर्दृष्टियां और अनुशंसाएं प्रस्तुत की जाएंगी। इन निष्कर्षों के आधार पर विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा तय की जाएगी।

प्रभावी शिक्षण और कैच-अप रणनीतियों पर होगा मंथन
सेमिनार में प्रभावी शिक्षण के 10 प्रमुख शिक्षण अभ्यासों पर संवाद होगा। साथ ही अधिगम अंतर (लर्निंग गैप) को कम करने के लिए कैच-अप रणनीतियों, परख के निष्कर्षों पर आधारित शैक्षणिक सुधारों तथा साक्ष्य आधारित निर्णय प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त निपुण उत्तर प्रदेश 2.0 की दिशा में भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा।

जमीनी अनुभवों से मिलेगा शिक्षा सुधारों को बल
राज्य स्तरीय सेमिनार में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अपने नवाचारी शिक्षण अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा एसआरजी, एआरपी, बीईओ तथा अन्य शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं के अनुभवों के साथ कक्षा-कक्ष से उभरती वास्तविक सफलता की कहानियों को भी मंच मिलेगा। इन अनुभवों के आधार पर शिक्षण की प्रभावी पद्धतियों को व्यापक स्तर पर लागू करने की रणनीति तैयार की जाएगी।

कक्षा-कक्ष तक पहुंचेगा शिक्षा सुधारों का लाभ
प्रदेश में निपुण भारत मिशन, शिक्षक क्षमता संवर्धन, गतिविधि आधारित शिक्षण, डिजिटल संसाधनों के उपयोग और विद्यालयी गुणवत्ता सुधार के लिए चल रहे प्रयासों के बीच यह राज्य स्तरीय संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साक्ष्य आधारित नीति, प्रभावी शिक्षण अभ्यास और जमीनी अनुभवों के समन्वय से तैयार होने वाली रणनीतियां शिक्षा सुधारों को नई गति देंगी तथा उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और बाल-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786