पिपलियामंडी
लगातार गिरते प्याज के दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। मेहनत, लागत और महीनों की देखभाल के बाद भी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं।
आक्रोश के बीच शनिवार को मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बालागुड़ा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्याज उत्पादक किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि खेती अब फायदे का नहीं बल्कि घाटे का सौदा बन चुकी हैं।
किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करते हुए प्याज पर माला चढ़ाकर और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। किसानों का कहना था कि जिस प्याज की फसल से उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद थी, वहीं अब उनके लिए परेशानी और कर्ज का कारण बन गई हैं।
किसान सुनील बद्रीलाल पाटीदार ने बताया कि उन्होंने करीब 2 बीघा जमीन में प्याज की खेती की थी। अच्छी मेहनत और देखभाल के बाद करीब 150 क्विंटल प्याज का उत्पादन हुआ, लेकिन वर्तमान बाजार भाव किसानों के लिए किसी सदमे से कम नहीं हैं। खेती में खाद, बीज, मजदूरी, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और कटाई सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए का खर्च आया हैं।
इसके बावजूद मंडियों में प्याज के भाव मात्र 200 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मंडी तक प्याज ले जाने का भाड़ा तक नहीं निकल रहा। मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार एक तरफ ‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाने की बात कर रही हैं, जबकि दूसरी ओर किसान बदहाली और आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं।
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं किसान तुलसीराम पाटीदार ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही हैं। खेती में दिन-रात मेहनत करने और लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही हैं।
किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिनेश पाटीदार ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे ज्यादा परेशान और दुखी देश का अन्नदाता किसान हैं। बालागुड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान प्याज की खेती करते हैं और अच्छी फसल की उम्मीद में भारी निवेश करते हैं, लेकिन लगातार गिरते दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी हैं।
किसानों और कांग्रेस नेताओं ने प्याज पर माला चढ़ाकर तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंडलम अध्यक्ष परमानंद पाटीदार, प्रहलाद पाटीदार, सुनील पाटीदार, लक्ष्मीनारायण पाटीदार, जयशंकर भोला भाई, निलेश पाटीदार, अंशुल पाटीदार, पवन पाटीदार आदि उपस्थित थे।








