एमपी पुलिस में 10 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, परीक्षा एजेंसी पर अभी संशय

भोपाल

भोपाल में 11 मई को केएफ रुस्तम जी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस आरक्षकों सहित पुलिस में 10 हजार पदों पर शीघ्र भर्ती किए जाने की घोषणा की। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) से होगी या पुलिस भर्ती बोर्ड से। पुलिस मुख्यालय भी भ्रम की स्थिति में है। मुख्यालय ने भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें 1,041 पद उप निरीक्षक और सूबेदारों के भी हैं।

भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव अब भी लंबित
भर्ती प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद चयन की प्रक्रिया प्रारंभ होनी है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारी चाहते हैं कि इसके पहले भर्ती बोर्ड गठित हो जाए जिससे तेज गति से इन पदों पर भर्ती की जा सके।

मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अप्रैल में पुलिस मुख्यालय में एक बैठक के दौरान पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने के लिए कहा था, जिससे भर्तियों में देरी नहीं हो। घोषणा के एक माह बाद पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया था, पर तब से परीक्षण ही चल रहा है।

गृह विभाग करेगा व्यवहार्यता का अध्ययन
अब गृह विभाग के नए एसीएस संजय शुक्ला प्रस्ताव का परीक्षण करेंगे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और विधि विभाग के साथ बैठक कर प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड बनाने के संबंध में व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) अध्ययन किया जा रहा है। शीघ्र ही गठन को लेकर निर्णय हो जाएगा।

अन्य राज्यों की तर्ज पर तैयारी
बता दें, मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष 7500 पदों के मान से तीन वर्ष में 22,500 पदों पर भर्ती करने के लिए कहा है। ईएसबी में अन्य परीक्षाओं का दबाव होने के कारण कई बार लिखित परीक्षा आयोजित कराने में देरी होती है। इसी कारण पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, आंध्र प्रदेश सहित 15 से अधिक राज्यों में पुलिस की भर्ती के लिए अलग भर्ती बोर्ड बने हुए हैं।

 

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