शंकराचार्य : शब्दभेदी बाण चलाते हैं राजनेता, राजनीति की परिभाषा जाने बिना बन जाते हैं

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार को जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज का 81वां प्राकट्य महोत्सव मनाया जा रहा है। राजधानी के रावाभाठा में शंकराचार्य के 81वें प्राक्ट्य दिवस पर बड़ी धर्म सभा का आयोजन किया गया है।

इस दौरान निश्लानंद सरस्वती महाराज ने प्रदेश के राजनेताओं की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि, राजनेता शब्दभेदी बाण चलाते हैं। नेताओं का व्यसन है, कि वो सामाज को बांटकर राजनीति करते हैं। राजनीति की परिभाषा नहीं जानते और नेता बन जाते हैं।

विकास के गर्भ से निकल रहा विस्फोट

शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि, विकास के गर्भ से विस्फोट निकल रहा है। विकास की चर्चा हो रही है, जो जाति को नहीं मानता वह गीता का अध्ययन करें। सनातन धर्म को विकृति करनें का प्रयास ना करें। उन्होंने कहा कि, चिटियों के समान चलते रहो।

सिकंदर के समान गड्ढे खोदकर हीरे जेवरात इक्कठे करते रहो। रोम-रोम में ईशा मसीह की प्रतिमा पर वैष्णो तिलक लगा है। गरीबी के वशीभूत होकर कोई धर्म परिवर्तन ना करें। स्वास्थ्य की रक्षा के परिविक्छा होनी चाहिए। एक हिंदू अपनी रक्षा में समर्थ हो, संकेत दिया देश की रक्षा के लिए आवश्यक है।

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