अहमदाबाद विमान हादसे पर कैट एवं सराफा व्यापारी संघ की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन, सैकड़ों व्यापारियों की उपस्थिति
दुर्ग / छत्तीसगढ़।
हाल ही में अहमदाबाद में हुई दर्दनाक विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले डॉक्टरों, यात्रियों और विमान कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देने हेतु कांफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एंड एसोसिएशन (CAIT) एवं सराफा व्यापारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस भावभीनी सभा में स्थानीय व्यापारी समाज के साथ-साथ विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भारी संख्या में शिरकत कर गहरी संवेदना व्यक्त की।
सभा के प्रारंभ में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु प्रार्थना की गई। इस अवसर पर प्रकाश सांखला, पवन बडजात्या, संजय चौबे सहित कई वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की इस असामयिक मृत्यु ने न केवल चिकित्सा जगत को, बल्कि समूचे समाज को एक अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। उन्होंने डॉक्टरों को समाज के सच्चे सेवक और प्रेरणास्त्रोत बताया।
सभा में वक्ताओं ने एक सुर में यह मांग की कि सरकार इस दुखद हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराए तथा पीड़ित परिवारों को आर्थिक और मानसिक सहायता प्रदान करे। साथ ही, सभी ने इस बात पर बल दिया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का कठोर पालन सुनिश्चित किया जाए।
“एक हादसा, एक शोक, एक संकल्प – सुरक्षित भारत की ओर!”
इस भाव को केंद्र में रखते हुए व्यापारियों ने अपनी एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। सभा में भाग लेने वालों में प्रकाश गोलछा, नेमजी भंडारी, राकेश सकलेचा, विनय कश्यप, राजेश नाहटा, रवि केवलतानी, आशीष खंडेलवाल, प्रहलाद कश्यप, संजय बोहरा, निर्मल बोथरा, मांगीलाल सोनी, नितेश परख, नवीन कांकरिया, महावीर लोढ़ा, मनीष लोढ़ा, ललित, राजमल बोथरा, भैरू बाघमार, विजय कोठारी, संजय कोठारी, नरेंद्र बाकलीवाल, राजा बाफना, रमेश साहू, लोकेश गोस्वामी, पन्ना लाल चौधरी, राहुल पंडित, मोनू सेन, प्रेमचंद गोधा, दिनेश भाई शाह, नवनीत श्रीमाल, सुरेश श्रीमाल सहित कई प्रमुख व्यापारी शामिल हुए।
सभा में उपस्थित सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि व्यापारी समाज हर संकट की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा रहेगा और राष्ट्र की सुरक्षा व समृद्धि के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
“हम न भूलेंगे आपका समर्पण, आपकी सेवा अमर रहेगी!”
इस संदेश के साथ श्रद्धांजलि सभा का समापन हुआ, जहां प्रत्येक उपस्थित आंख नम और मन संकल्पित था।