1 नवंबर को रवि पुष्य-सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग, खरीदारी के लिए शुभ दिन

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर रविवार, 1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र पूरे दिन रहने से सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, बर्तन, जमीन, प्लॉट और मकान सहित अन्य वस्तुओं की खरीदारी के लिए दिनभर शुभ अवसर रहेगा।इस दिन नए व्यापार और व्यवसाय की शुरुआत के साथ धार्मिक-आध्यात्मिक अनुष्ठान भी किए जा सकेंगे।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, रविवार को पुष्य नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। रविवार और सप्तमी तिथि, दोनों का संबंध सूर्यदेव से माना जाता है।

वहीं, शनि और गुरु की स्थिति भी इस संयोग को विशेष बना रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रवि पुष्य नक्षत्र में किए गए शुभ कार्य स्थायी समृद्धि देने वाले माने जाते हैं।

वर्ष 2026 में 06 नवंबर को त्रयोदशी तिथि, प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का अद्भुत संयोग बनने से धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है।

ग्रहों का संयोग बढ़ाएगा दिन का महत्व

कार्तिक मास में पुष्य नक्षत्र का संयोग विशेष माना जाता है। इस बार शनि बृहस्पति की राशि मीन में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रवि पुष्य और ग्रहों की स्थिति का यह संयोग खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल है।

इन चीजों की खरीदारी मानी जाती है शुभ

रवि पुष्य नक्षत्र पर परंपरागत रूप से कई तरह की खरीदारी की जाती है। इस दिन लोग अपनी जरूरत और सामर्थ्य के अनुसार सोना-चांदी से लेकर संपत्ति तक खरीदने की योजना बनाते हैं।

पुष्य नक्षत्र की तिथि और समय

आरंभ: 01 नवंबर 2026, रविवार (सुबह 05:39 बजे से)

समाप्त: 02 नवंबर 2026, सोमवार (सुबह 04:30 बजे तक)

तिथि: कार्तिक माह, कृष्ण पक्ष (अष्टमी तिथि)
खरीदारी एवं शुभ कार्य के महामुहूर्त

रवि पुष्य योग (दिनभर का महामुहूर्त):

01 नवंबर, सुबह 05:39 बजे से 02 नवंबर, सुबह 04:30 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग:

01 नवंबर, सुबह 06:33 बजे से 02 नवंबर, सुबह 04:30 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की खरीदारी के लिए):

दोपहर 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त (शाम की खरीदारी के लिए):

शाम 05:36 बजे से शाम 06:02 बजे तक
रवि पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदना रहेगा शुभ?

ज्योतिष शास्त्र और ग्रहों के प्रभाव के अनुसार, इस महासंयोग पर निम्नलिखित वस्तुओं की खरीदारी और निवेश करना अत्यंत लाभप्रद माना गया है:

सोना (Gold): पुष्य नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए इस दिन सोना खरीदना या सोने के आभूषण बनवाना अत्यंत शुभ और समृद्धिदायक होता है।

चांदी एवं नए बर्तन: चंद्रमा का प्रभाव रहने के कारण चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या रसोई के नए बर्तन खरीदना घर में सुख-शांति लाता है।

वाहन एवं मशीनरी: शनिदेव के प्रभाव के कारण इस दिन कार, बाइक, लोहा या भारी मशीनरी खरीदना बेहद फलदायी माना जाता है।

प्रॉपर्टी व अन्य निवेश: नए बही-खाते, बही-पुस्तके, नए वस्त्र, घर की उपयोगी वस्तुएं तथा जमीन, मकान या रियल एस्टेट में निवेश करना अक्षय समृद्धि प्रदान करता है।

नोट: पुष्‍य नक्षत्र के दिन यदि आप सोना, चांदी, वाहन या कोई महंगी वस्तुएं नहीं खरीद पा रहे हैं तो पूजा का सामान, चंदन की बट्टी, इत्र या लक्ष्मी चिन्ह खरीद सकते हैं। जैसे कौड़ियां, शंख, स्वास्तिक, मिट्टी का दीपक, श्री यंत्र आदि वस्तुएं खरीद सकते हैं।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786