CBI आज फिर CM के OSD घुम्मन से करेगी पूछताछ, जांच एजेंसी के रडार पर करीबी

चंडीगढ़ 
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन को CMO से जुड़े कथित करप्शन केस में पूछताछ के लिए आज चंडीगढ़ स्थित CBI कार्यालय में दोबारा बुलाया गया है। इससे पहले बीते शुक्रवार को घुम्मन CBI के सामने पेश हुए थे। 

इससे पहले राजबीर घुम्मन ने पूछताछ के बाद कहा था कि CBI ने उनसे करीब 40 सवाल पूछे, जिनका उन्होंने तसल्ली से जवाब दिया। उन्होंने जांच को अच्छे तरीके से चलने वाला बताया था। घुम्मन के मुताबिक, पूछताछ के दौरान माहौल अच्छा था। उन्होंने कहा था कि CBI का जांच करने का अपना तरीका है, इसलिए उनके वकीलों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने अपने साथियों से भी घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही थी और भरोसा जताया था कि उन्हें जल्द क्लीन चिट मिलेगी। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कार्रवाई कर रहा है। ED ने 13 अक्टूबर को जालंधर में केस दर्ज किया था। ऐसे में कथित करप्शन केस की जांच CBI के साथ ED भी कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई थी अंतरिम रोक
FIR दर्ज होने के बाद CBI ने राजबीर घुम्मन को पेश होने के लिए तीन समन भेजे थे, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। इसके बाद 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए थे।

इसके बाद वह पहली बार CBI के सामने पेश हुए थे। उनके वकील GPS घुम्मन ने भी कहा था कि राजबीर कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए जांच में सहयोग कर रहे हैं।

करीबी नितिन गोहल और बीर दविंदर सिंह से भी हुई थी पूछताछ
इस मामले में राजबीर घुम्मन के करीबी माने जाने वाले नितिन गोहल और बीर दविंदर सिंह से भी CBI पूछताछ कर चुकी है। दोनों रविवार को 11:30 बजे CBI कार्यालय पहुंचे थे और उनसे 10 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे।

पूछताछ के बाद बीर दविंदर सिंह ने कहा था कि उन पर लगाए गए आरोपों के संबंध में उन्होंने अपने जवाब दे दिए हैं। उन्हें भरोसा है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और उन्हें इंसाफ मिलेगा। उन्होंने बताया था कि वह करीब 70 किलोमीटर दूर से आए थे। उनके मुताबिक, CBI ने आगे भी पूछताछ के लिए बुलाए जाने और दोबारा नोटिस जारी करने की बात कही थी।

गोहल बंधु पहली बार जांच में हुए शामिल
सीबीआई बीर दविंदर सिंह के पिता से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। वहीं, नितिन गोहल और जितिन गोहल पहली बार जांच में शामिल हुए है। बीर दविंदर सिंह आम आदमी पार्टी के युवा विंग के उपाध्यक्ष हैं। वह पार्टी की ओर से जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं।

हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था केस
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 5 अक्टूबर को भ्रष्टाचार के आरोपों में मामला दर्ज किया था। इसमें राजबीर सिंह घुम्मण, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ ​​राजा, रोमी राजा महाजन, बीर दविंदर सिंह, आरएस नागरा और अज्ञात सरकारी व निजी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।

वह पेश हो चुके हैं, जहां उनसे लंबी पूछताछ की गई है। सीबीआई इस मामले में पंजाब सरकार के 15 से ज्यादा विभागों की फाइलें और 22 से अधिक अधिकारियों के तबादलों के रिकॉर्ड खंगाल रही है। घुम्मन से एक बार पूछताछ हो चुकी है।

पंजाब CM ऑफिस से जुड़ा कथित करप्शन का पूरा मामला
ED ने DGP को 3 चिट्ठियां भेजीं: जुलाई-अगस्त 2026 में ED ने पंजाब DGP गौरव यादव को 3 चिटि्ठयां भेजकर CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर FIR की मांग की। जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, CLU और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे।

CM के OSD का नाम सामने आया: ED के मुताबिक नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।

सबूत के तौर पर चैट का दावा: ED ने वॉट्सएप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।

तलाशी में कैश और डिजिटल सामग्री: ED की जांच के दौरान नितिन गोहल समेत कुछ लोगों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। ED ने गोहल से 20.98 लाख रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया है।

जमीन और रियल एस्टेट एंगल: मामला GMADA की जमीन, CLU, प्रॉपर्टी लेन-देन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से निकला। ED ने सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव का आरोप लगाया।

हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच: 5 अक्टूबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ED की ओर से दी गई डिटेल्स अपराध की ओर इशारा करती है। कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची: हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के अगले ही दिन, 6 अक्टूबर को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल कर आदेश को चुनौती दी।

12 अक्टूबर को मिली थी राहत: मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर को 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने राजबीर घुमन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर के तहत कोई भी कठोर कार्रवाई न की जाए।

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