औरंगाबाद के पुनपुन घाट पर उमड़ी पिंडदानियों की भीड़, गयाजी जाने से पहले यहां करते हैं पहला पिंडदान

औरंगाबाद
 बारुण थाना क्षेत्र में सिरिस गांव के पास जीटी रोड किनारे पुनपुन नदी श घाट पर शनिवार को पिंडदानियों की भीड़ रही।

गयाजी में पिंडदान की परंपरा के बीच पुनपुन नदी में पहला पिंडदान करने की श प्राचीन परंपरा है। इसी मान्यता के कारण हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी जिले के सिरिस और जम्होर के पुनपुन घाट पर पहुंचकर अपने पूर्वजों का प्रथम पिंडदान और तर्पण करते हैं। इसके बाद गयाजी के लिए रवाना होते हैं।

मान्यता है कि वाराणसी की ओर से जीटी रोड के रास्ते गयाजी जाने वाले पिंडदानी सबसे पहले पुनपुन नदी में पिंडदान करते हैं।

शनिवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से पहुंचे विक्रम लोधी और लवडू लोधी, संत कबीर नगर के रामप्रकाश तिवारी, जौनपुर के देवरिया निवासी सच्चिदानंद पांडेय, गोरखपुर के प्रदीप अग्रवाल तथा मध्य प्रदेश के भोपाल से पहुंचे आयकर अधिकारी सत्यप्रकाश कुमार समेत कई पिंडदानियों ने यहां अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण किया।

पिंडदानियों ने बताया कि सनातन परंपरा में पुनपुन नदी में प्रथम पिंडदान का विशेष महत्व है। यहां पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष और उनकी आत्मा को शांति मिलती है।

पिंडदानियों ने कहा कि सिरिस घाट का धार्मिक महत्व काफी अधिक है, लेकिन यहां सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। घाट को लंबा और सुरक्षित बनाने के साथ श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़े धर्मशाला का निर्माण कराने की जरूरत है।

अपने माता-पिता का तर्पण करने पहुंचे रोहतास के डीआइजी डॉ. सत्यप्रकाश ने भी पुनपुन में तर्पण किया और महत्व को बताया।

उन्होंने कहा कि पुनपुन में प्रथम बेदी है और यहां पिंडदान करने के बाद ही श्रद्धालु गयाजी जाते हैं। शनिवार को गृह विभाग समेत अन्य मंत्रालयों के अधिकारियों के स्वजन भी सिरिस घाट पर पिंडदान करने पहुंचे थे। सुबह से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।

पिंडदान कराने वाले दयालपुर गांव निवासी पंडा प्रिंस तिवारी ने बताया कि गयाजी में पिंडदान करने वाले पिंडदानी पहला पिंडदान पुनपुन में ही करते हैं।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786