अखिलेश यादव के बिजली वाले बयान पर एके शर्मा का पलटवार, बोले- जब सत्ता में थे तब किसानों को बिजली-पानी क्यों नहीं दिया?

लखनऊ

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के बिजली और किसानों को लेकर दिए बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अखिलेश यादव सत्ता में थे, तब किसानों को बिजली और पानी क्यों नहीं दिया गया।

एके शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव जब बिजली के मुद्दे पर बोलते हैं तो उन्हें ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर व्यक्ति को हंसी आती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता में आने पर सभी किसानों को बिजली और पानी देंगे, लेकिन सवाल यह है कि जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया।

उन्होंने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक अखिलेश यादव पूरे उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि सिर्फ अपने गांव और सैफई की बात कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि जब अखिलेश सत्ता में थे तो सैफई में पर्याप्त बिजली और पानी मिला होगा और सबसे बड़ी बात मुफ्त बिजली भी दी गई, जबकि पूरा प्रदेश बिजली के लिए तड़पता रहा।

‘2017 तक दो-तिहाई आबादी ने बिजली का दर्शन नहीं किया’

एके शर्मा ने कहा कि 2017 तक करीब तीन लाख गांवों और मजरों में से केवल 60-70 हजार गांवों में केवल 1,21,000 मजरों का विद्युतीकरण हुआ था। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि राज्य की दो-तिहाई आबादी ने बिजली का दर्शन भी नहीं किया था। न खंभा पहुंचा था, न तार और बिजली तो दूर की बात थी।

‘2017 तक 1.80 करोड़, आज 3.70 करोड़ बिजली उपभोक्ता’

मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को यह भी जानना चाहिए कि 2017 तक, आजादी के 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में केवल करीब 1 करोड़ 80 लाख विद्युत उपभोक्ता हुआ करते थे। आज यह संख्या बढ़कर 3 करोड़ 70 लाख हो गई है।

उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में करीब दो करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। शर्मा ने कहा कि राज्य का क्षेत्रफल, जनसंख्या और घरों की संख्या लगभग वही है, जबकि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।

एके शर्मा ने कहा कि ऐसे में अखिलेश यादव को बिजली पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार के दौरान बिजली तंत्र और पूरे राज्य की व्यवस्था की जो दुर्दशा हुई, उसे मौजूदा डबल इंजन सरकार पाटने का काम कर रही है।

‘राजनीतिक स्वार्थ के लिए रंग बदलते हैं’

अखिलेश यादव के हरे और लाल रंग को लेकर दिए बयान पर भी एके शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का कोई रंग नहीं है और राजनीतिक स्वार्थ के लिए रंग बदलने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि लाल टोपी, हरा रंग और काली सदरी उनका कोई एक रंग नहीं है। शर्मा ने कहा कि पंडितों के बीच जाने पर PDA का फुल फॉर्म ‘पंडित’ बताया जाता है और पिछड़ों के बीच जाने पर PDA का मतलब ‘पिछड़ा’ बताया जाता है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव न पिछड़ों के हैं, न पंडितों के और न ही किसी एक रंग के। उनके मुताबिक अखिलेश यादव राजनीतिक स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

समाजवाद पढ़ने की सलाह पर एके शर्मा का पलटवार

अखिलेश यादव की ओर से पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह दिए जाने पर भी एके शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने बहुत अच्छी पढ़ाई पढ़ ली है और पत्रकारों को उनके वाले समाजवाद की पढ़ाई नहीं करनी चाहिए।

शर्मा ने आरोप लगाया कि गरीबों को प्रताड़ित करना और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ तथा उनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ करना ही अखिलेश का समाजवाद है। उन्होंने पत्रकारों समेत पूरे समाज से अपील की कि ऐसे समाजवाद की पढ़ाई न करें।

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