पानीपत
नगर निगम ने शहर की नौ कॉलोनियों को वैध कराने की ओर कदम बढ़ाया है। इससे कालोनियों में रहने वाले 50 हजार से अधिक परिवारों को सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहले से और भी बेहतर होने की उम्मीद जगी है।
निदेशालय की ओर से बताई गई तकनीकी और दस्तावेजों की कमियों को दूर करने के बाद प्रस्ताव पुनः भेजे गए हैं। वहीं, निगम ने अवैध रूप से विकसित की जा रही 35 कॉलोनियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करते हुए संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं।
निगम का उद्देश्य पात्र कालोनियों को राहत देने के साथ नई अवैध कालोनियों के विस्तार पर रोक लगाना है। आयुक्त डा. पंकज राव ने बताया कि निदेशालय की ओर से बताई गई तकनीकी एवं दस्तावेजी कमियों को दूर कर प्रस्ताव दोबारा भेजे गए हैं। अब इन पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
पहले निदेशालय ने बताई थीं ये कमियां
पहले भेजे प्रस्ताव में निदेशालय की जांच में पाया था कि कालोनी सीमाओं के अक्षांश देशांतर, अप्रोच रोड, खसरा नंबर, सड़क का नेटवर्क, खाली भूमि तथा सैटेलाइट इमेजरी संबंधी जानकारी अधूरी थी।
नगर निगम की टाउन प्लानिंग शाखा ने इन सभी बिंदुओं पर सुधार करते हुए संशोधित प्रस्ताव तैयार किए। गुर्जर कॉलोनी और साई कॉलोनी एक्सटेंशन सहित अन्य कॉलोनियों में भी आवश्यक तकनीकी संशोधन किए गए हैं।
जानिये… कॉलोनियों के प्रस्ताव के बारे में
1. विकास नगर-1 (38.40 एकड़)
2. गुर्जर कालोनी (3.13 एकड़)
3. साई कॉलोनी एक्सटेंशन (1.30 एकड़)
4.गोपाल कॉलोनी (9.01 एकड़)
5. विर्क नगर (14.02 एकड़)
6. गाबा कॉलोनी (11.58 एकड़)
7. एकता विहार कॉलोनी उझा रोड (1.73 एकड़)
8. ज्योति नगर (2.37 एकड़)
और 9. विराट नगर फेज-3 (21.09 एकड़) है।
समझें अब तक चली प्रक्रिया के बारे में
चार साल के अंतराल में नगर निगम 21 कॉलोनियां वैध करने के लिए प्रस्ताव भेज चुका है। इनमें से दो कॉलोनियां पहले से स्वीकृत हो पाई हैं। 10 कॉलोनियां मानदंड पूरे नहीं कर पाईं। जिनमें से नौ कॉलोनियों के प्रस्ताव सुधार के लिए लौटाए थे। अब संशोधित प्रस्ताव भेजे हैं। इस पर अंतिम निर्णय सरकार और निदेशालय स्तर पर होगा।
कॉलोनियां काटने वाले कॉलोनाइजरों को नोटिस
नगर निगम जहां पात्र कॉलोनियों को वैध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, वहीं शहर और आसपास अवैध रूप से विकसित की जा रही 35 कॉलोनियों के मालिकों को नोटिस भी जारी किए हैं।
निगम का उद्देश्य एक ओर पुराने निवासियों को राहत देना है, वहीं भविष्य में अनियोजित और अवैध कालोनियों के विस्तार पर रोक लगाना है।
मिलेंगे ये पांच बड़े लाभ
1. सड़क, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसे विकास कार्यों का रास्ता आसान होगा।
2. सरकारी योजनाओं- आधारभूत सुविधाओं के लिए बजट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
3. संपत्तियों के खरीद-फरोख्त और रिकार्ड संबंधी विवाद कम होंगे।
4. पानी, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में आसानी होगी।
5. क्षेत्र के नियोजित विकास और भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति मिलेगी।









