झारखंड में बिजली संकट का खतरा, थर्मल प्लांटों में महज 4 दिन का कोयला

 रांची
झारखंड के बिजली संयंत्रों में कोयला का संकट है। लगातार भारी बारिश के कारण बीसीसीएल, सीसीएल समेत कोल कंपनियों की खुली खदानों में पानी भर चुका है, जैसा कि हरेक साल होता रहा है।

झारखंड सरकार के तेनुघाट थर्मल पावर संयंत्र में भी कोयला का संकट है। कोल कंपनियों से तेनुघाट संयंत्र को पर्याप्त कोयला नहीं मिला है।

नतीजतन, कोल भंडार बेहद कम हो चुका है। महज चार दिन तक संयंत्र चलाने भर का कोयला शेष है। पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में भी उत्पादन कार्य को सुचारू रखने के लिए जितना कोयला होना चाहिए, उतना नहीं है।

ऐसे प्रतिकूल हालात को भांप ऊर्जा विभाग के कान खड़े हो चुके हैं। ऊर्जा सचिव के श्रीनिवासन ने अधीनस्थों को निर्देश दिया है कि कोल कंपनियों के साथ बिजली उत्पादन संयंत्रों के शीर्ष प्रबंधन के साथ सतत संवाद करे। यह सुनिश्चित करे कि विद्युत संयंत्रों को इतना कोयला अवश्य मिले कि किसी भी परिस्थिति में उत्पादन बंद न हो।

कोल इंडिया लिमिटेड के मातहत संचालित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के खनन का कार्य क्षेत्र धनबाद और आसपास का इलाका है। सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) के खनन क्षेत्र का दायरा, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, बोकारो, पलामू, गिरिडीह और लातेहार तक है।

कोयला की अधिकतर खदानों खुली हुई है। पिछले एक पखवाड़ा में लगातार बारिश ने खुली खदानों को पानी से लबालब कर दिया है। पानी निकालने के लिए मशीनें लगातार चल रही है तो आसमान उन्हें दोबारा भरने को आतुर है। ऐसे हालात में कोयला के उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

विद्युत संयंत्रों में कोयला की खूब मांग है। डिस्पैच बिल्कुल कम। ऊर्जा विभाग को सूचना मिली है कि कई प्लांटो में कोयला का भंडार चेतावनी के स्तर पर। सो, ऊर्जा विभाग ने इस दिशा में कवायद तेज की है।

ऊर्जा सचिव के श्रीनिवासन में गुरुवार को इस मसले पर अधीनस्थ अधिकारियों से हालात की जानकारी ली है। यद्यपि, ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द हालात सुधर जाएंगे।

इतने हैं बिजली संयंत्र
    झारखंड में दस से अधिक थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट सरकारी व केंद्रीय इकाइयां हैं। छोटे और औद्योगिक कैप्टिव प्लांट मिलाकर इनकी संख्या 40 से अधिक है।
    रामगढ़ का पतरातू सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट एनटीपीसी और झारखंड सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसकी उत्पादन क्षमता 16 सौ मेगावाट है। तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन राज्य सरकार का प्रमुख संयंत्र है।
    डीवीसी का कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन, चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट और बोकारो थर्मल पावर प्लांट है। चतरा में एनटीपीसी का सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट है।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786