मुरैना के जौरा में पुलिस पिटाई के आरोप पर भड़का जनआक्रोश, विधायक संग सड़कों पर उतरे व्यापारी

मुरैना

जौरा में फॉल-पीको दुकानदार की मौत का मामला दूसरे दिन गुरुवार को और अधिक तूल पकड़ गया। पुलिसकर्मियों की पिटाई से मौत के आरोप लगाते हुए व्यापारी व आमजन सड़कों पर आ गए। बाजार बंद कर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

इस विरोध में स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय सहित कई पार्टियों के नेता शामिल हुए। हंगामा बढ़ते देख एसपी ने जौरा थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया और जांच के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया।

गौरतलब है, कि बुधवार को जौरा पुलिस एक फरार आरोपी की तलाश में पगारा रोड पर दबिश देने गई थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने जेल रोड पर चल रहे हुए के फड़ को देखा और जुआरियों को पकड़ने के लिए भागे। पुलिस को आता देख भगदड़ मची।

इसी बीच 37 साल के सूरज उर्फ कल्ला पुत्र मुन्नालाल गुप्ता, खेत में बेसुध हालत में मिला। अस्पताल लाने पर डॉक्टर ने सूरज को मृत घोषित कर दिया। सूरज जौरा के बाजार में फॉल-पीको की दुकान चलाता था। पुलिसकर्मियों ने स्वजनों को सूचना तब दी, जब सूरज के शव को पोस्टमार्टम तक भिजवा दिया।

इसी बात पर जौरा में हंगामा हो गया और दुकानदार की मौत के बाद से लोग सड़कों पर उतर आए। मृतक के स्वजन से लेकर अन्य व्यापारियों ने आरोप लगाए कि जुए के फड़ से पकड़ने के बाद पैसा वसूली के लिए सूरज की पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, जिससे उसकी मौत हुई है। बुधवार की देर रात तक थाने के घेराव के बाद गुरुवार की सुबह विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया। सुबह से ही बाजार बंद का ऐलान कर दिया गया।

हाईवे पर लगा लंबा जाम

सैकड़ों लोग थाने के सामने हाईवे पर जुट गए। हाईवे 552 (एसएस रोड) पर एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय के अलावा बसपा, माकपा के नेता भी शामिल हुए। विधायक ने भी पुलिसकर्मियों को दुकानदार की मौत का जिम्मेदार बताया। मामला बढ़ते देख एसपी ने थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी लाइन अटैच कर दिए। यह विरोध प्रदर्शन दोपहर एक बजे तक चला। दोपहर दो बजे के बाद बाजारों में दुकानें खुलना शुरू हुईं।

मृतक के स्वजन को नप में नौकरी का भरोसा

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की मांग की। हेडक्वार्टर डीएसपी विजय भदौरिया व एसडीओपी जौरा नितिन बघेल ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग रखी गई। लोगों ने मृतक के स्वजन को नगर परिषद में नौकरी दिलाने की मांग की, इस पर एसडीएम शुभम शर्मा ने जौरा नप अध्यक्ष से बात की और मृतक के स्वजन को नप में नौकरी का भरोसा दिया गया।

मृतक के शव का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल से करवाया गया है। अंत्येष्टि के लिए 10 हजार रुपये की नकद सहायता मृतक के परिवार को एसडीएम द्वारा दी गई, इसके अलावा आर्थिक मदद के लिए प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा जाएगा।

यह पुलिसकर्मी हुए लाइनअटैच

हंगामा बढ़ने के बाद एसपी धर्मराज मीना ने थाना प्रभारी पंकज यादव सहित पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। लाइन हाजिर हुए पुलिसकर्मियों में प्रधान आरक्षक प्रवेंद्र तोमर, आरक्षक गिरजेश भार्गव, सत्यम उपाध्याय, सोनेंद्र कंसाना और ईसब खान के नाम बताए गए हैं, मृतक के परिवार ने इन्हीं पर पीट-पीटकर हत्या के आरोप लगाए हैं।

थाना प्रभारी को हटाने के बाद जौरा थाने की कमान टीआई क्षत्रपाल सिंह वैश्य को दी गई है। नए टीआई ने गुरुवार को ही पदभार संभाल लिया।

 

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