मोहाली
मोहाली-चंडीगढ़ बार्डर पर पिछली 1 सितंबर से चल रहा किसानों का धरना सोमवार को 7वें दिन में पहुंच गया है। इससे पहले रविवार को पंजाब सरकार के दो मंत्रियों व किसान नेताओं के बीच मीटिंग पंजाब भवन चंडीगढ़ में हुई।
सूत्रों के अनुसार मीटिंग पाजिटिव रही और कई मांगों को जो पंजाब सरकार के तहत पूरी हो सकती है उनमें से कई को मान लिया गया। सरकार की ओर से कृषि मंत्री गुरमीत सिंह मुंडिया और सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह मीटिंग में हाजिर हुए जबकि किसानाें की कई जत्थेबंदियों के नेता पहुंचे।
सरकार की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि एक महीने के अंदर विधान सभा का विशेष सत्र बुला कर पानी के मसले पर बात की जाएगी।बाकी केंद्र से पूरी होने वाली मांगों को लेकर केंद्र से बातचीत का आश्वासन मंत्रियों ने किसान नेताओं को दिया।
सोमवार को किसान जथेबन्दीयों के नेता आपस में मीटिंग करेंगे। उसके बाद स्टेज से सरकार-किसानों के बीच हुई मीटिंग के बारे बताया जाएगा। इस दौरान पंजाब सरकार का कोई नुमाइंदा जो मांगों काे पंजाब सरकार ने माना है उसका लिखित मसौदा लेकर मोर्चे में पहुंच सकता है। कुल मिला कर आज बार्डर पर लगा किसानों का मोर्चा खत्म हो सकता है।
राकेश टिकैत पहुंचे मोर्चे में
किसान नेता राकेश टिकैत रविवार को किसान मोर्चे में पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को सरकारों को मान लेना चाहिए । उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलना चाहिए।
किसानों की मुख्य मांगें
किसानों की ओर से अमेरिका के साथ ट्रेड डील न करने, पानी के मुद्दे को लेकर सेक्शन 78,79,80 रद्द करने, किसानों का पूरा कर्ज़ माफ़ करने, फसलों का दाम स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से तय करने, बिजली बिल 2025 और बीज बिल 25 वापस लेने, गन्ने का दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, लैंड पुलिंग स्कीम रद्द करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर मोहाली में पक्का मोर्चा लगाया गया है।
किसान नेताओं और प्रशासन से बातचीत के बाद किसानों ने 1 से 7 सितंबर तक मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाली मुख्य सड़क की एक तरफ मोहाली बार्डर पर लगाया है। मोर्चे में पंजाब भर से पहुंचे किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी करने में जगह न मिलने कारण किसानों ने सड़क की दूसरी तरफ भी ट्रालियां खड़ी कर दी है। फिलहाल सड़क की एक तरफ से चंडीगढ़ से मोहाली आने जाने वालों के लिए रास्ता खुला हुआ है।









