भारत आ रहा दक्षिण अफ्रीका का बड़ा बिजनेस डेलिगेशन, अरबों डॉलर के व्यापार पर होगी अहम बातचीत

नई दिल्ली
 भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए दक्षिण अफ्रीका का एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल अगले हफ्ते भारत के दौरे पर आ रहा है. यह प्रतिनिधिमंडल 10 और 11 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल (BRICS Business Council) और बिजनेस फोरम की बैठकों में हिस्सा लेगा. यह महत्वपूर्ण दौरा आगामी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को दूर करना और नए निवेश अवसरों की तलाश करना है। 

व्यापार असंतुलन को पाटने पर मुख्य ध्यान
इस दौरे का नेतृत्व 'साउथ अफ्रीकन ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल' (SABBC) की चेयरपर्सन बुसी माबुजा कर रही हैं. वर्तमान में दोनों देशों के बीच बड़ा व्यापार अंतर है. साल 2025 में दक्षिण अफ्रीका को भारत के साथ व्यापार में लगभग 3.18 अरब डॉलर (USD 3.18 billion) का व्यापार घाटा उठाना पड़ा था। 

फिलहाल, दक्षिण अफ्रीका से भारत को मुख्य रूप से कोयला, मैंगनीज और केमिकल वुड पल्प जैसी कच्ची रॉ मैटेरियल का निर्यात किया जाता है. वहीं, भारत से दक्षिण अफ्रीका को पेट्रोलियम उत्पाद, गाड़ियां, दवाइयां और मशीनरी भेजी जाती है. दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधिमंडल इस बार पारंपरिक 'क्रेता-विक्रेता' मॉडल को बदलकर सह-निवेश और तकनीकी सहयोग पर जोर देगा, ताकि वे भारत को ऊंचे मूल्य वाले औद्योगिक उत्पादों का निर्यात कर सकें। 

इन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस

दोनों देशों के बीच होने वाली बैठकों में कई महत्वपूर्ण सेक्टर्स पर चर्चा की जाएगी

    ऑटोमोटिव हब: भारतीय तकनीक और पूंजी का उपयोग करके दक्षिण अफ्रीका को एक क्षेत्रीय ऑटोमोटिव उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करना। 
    फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य: दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में साझेदारी करना, ताकि पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ सके। 
    अत्याधुनिक तकनीक और कौशल विकास: सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में स्किल-एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करना। 
    हरित ऊर्जा: रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में संयुक्त उपक्रम स्थापित करना। 
    कृषि और पैकेजिंग: भारतीय बाजार में दक्षिण अफ्रीकी कृषि उत्पादों को बढ़ावा देना और भारत की आधुनिक फूड प्रोसेसिंग व पैकेजिंग तकनीक को अपनाना। 

'अफ्रीकी मुक्त व्यापार' और ब्रिक्स बैंक की भूमिका
SABBC की चेयरपर्सन बुसी माबुजा के अनुसार, अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र (AfCFTA) भारतीय कंपनियों के लिए पूरे अफ्रीका के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक परियोजनाओं में निवेश करने का एक शानदार अवसर है. इसके अलावा, ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) ने दक्षिण अफ्रीका में बुनियादी ढांचे और सतत विकास परियोजनाओं के लिए 6.41 अरब रैंड से अधिक की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है, जिससे व्यापारिक साझेदारी को मजबूत आधार मिलेगा। 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786