मथुरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यूपी के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान के दर्शन किये और पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री गुरुवार को यहां आये थे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। रात्रि विश्राम उन्होंने वेटरनेरी विश्वविद्यालय के गेस्टहाउस में किया था। शुक्रवार सुबह करीब 9:35 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री कृष्ण जन्मस्थान के गेट नंबर दो से पहुंचे। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर उनका ढोल मजीरे बजाकर स्वागत किया गया। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर उन्होंने गो पूजन किया।
उन्होंने केशव देव के दर्शन कर गर्भगृह में पूजन अर्चन किया। इसके बाद वे भागवत भवन पहुंचे, जहां दर्शन किये। भागवत भवन में उन्होंने भगवान की आरती की। भागवत भवन में बैठकर वह भगवान को काफी देर तक भाव विभोर होकर निहारते रहे। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर दर्शन को पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जय श्री राम और कृष्ण कन्हैया के जयकारे लगाये। योगी ने उनका अभिवादन किया और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर भागवत भवन की सीढ़ियों से उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने 5,200 वर्ष पहले सत्य और न्याय के लिए इसी स्थल पर प्रकट होकर जो उद्घोष किए थे, वे आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। अनेक आक्रमण हुए, अन्य लोगों ने अपनी आस्था को भारत पर थोपने का प्रयास किया। लेकिन सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया। जिसने इसका प्रयास किया वो खुद मिट्टी में मिल गए। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम भारत की विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय देख रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि श्री अयोध्या धाम में दुनिया का विशालतम मंदिर बन गया है। जिनको ये अच्छा नहीं लगता वो अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। जिन्हें अच्छा लगता है उन्हें लगता है हमारे रामलला अयोध्या में विराजमान हो गए हैं। हमारा प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी वैसे ही भव्य परिसर तैयार हों, जैसे श्री अयोध्या धाम और काशी में हुए हैं। किसी श्रद्धालु को दिक्कत न हो। किसी को कोई संकट न हो और दर्शन करने में कोई चुनौती न हो। आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि डबल इंजन सरकार आपके साथ मिलकर आपकी भावनाओं के अनुरूप इस ब्रज भूमि को बनाने में कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। यह सरकार तो कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्री राम, बाबा विश्वनाथ और माँ विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है।









