चंडीगढ़.
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद ने पलवल जिले के ग्राम फास्टकू नगर, तहसील होडल की शामलात देह/भूमि को राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर गलत तरीके से बेचने और खरीदने तथा सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।
ब्यूरो द्वारा इस मामले में 7 तत्कालीन सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों सहित कुल 112 आरोपियों के विरुद्ध माननीय न्यायालय में चालान (चार्जशीट) पेश किया गया है। चार्जशीट में तत्कालीन तहसीलदार होडल नरेश जोवल, मनबीर सिंह एवं ओम प्रकाश गोदारा, तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क भगवान सिंह एवं भूप सिंह, तत्कालीन पटवारी ताराचन्द तथा तत्कालीन गिरदावर वीरेन्द्र सिंह के अलावा 105 ग्रामवासी, विक्रेता एवं खरीदार शामिल हैं। आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 120-बी, 409, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता, धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा धारा 13-ए, पंजाब विलेज कॉमन लैंड एक्ट, 1961 के तहत चालान माननीय न्यायालय श्री प्रतीक जैन, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पलवल के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई थी जांच
यह मामला सी.डब्ल्यूपी. नंबर 10058 ऑफ 2010 में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के आदेशों के अनुपालन में शुरू हुई जांच से सामने आया। मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी द्वारा गांव अतवा, जिला पलवल की शामलात देह की खरीद के संबंध में जांच के आधार पर थाना राज्य सतर्कता ब्यूरो (हरियाणा), गुरुग्राम में मुकदमा नंबर 13 दिनांक 14.05.2012 दर्ज किया गया था। इसके बाद माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी.डब्ल्यूपी. नंबर 10058 ऑफ 2010 तथा सी.डब्ल्यूपी. नंबर 8160 ऑफ 2011 में यह निर्देश दिए गए कि यदि मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा जिला पलवल के गांवों की शामलात भूमि से संबंधित वसिकाएं भी गलत पाई जाती हैं, तो उनकी भी जांच की जाए।
11 वसिकाओं में शामलात भूमि की खरीद-फरोख्त
इसी क्रम में जांच क्रमांक 02 दिनांक 08.06.2012, पलवल में जांच के दौरान ग्राम फास्टकू नगर, तहसील होडल की शामलात देह की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि कुल 11 वसिकाओं के माध्यम से ग्राम फास्टकू नगर की 1,856 कनाल 13 मरला शामलात देह/भूमि को ग्रामवासियों द्वारा राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कथित सांठगांठ कर अनुचित तरीके से बेचने एवं खरीदने की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वसिकाओं के पंजीकरण तथा इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया में अपनी आधिकारिक भूमिका का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त हुई और सरकार को राजस्व की हानि पहुंची।
जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
जांच क्रमांक 02/2012, पलवल के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर ग्राम फास्टकू नगर की शामलात भूमि को बेचने वाले ग्रामवासियों/ विक्रेताओं, खरीदारों तथा वसीका पंजीकरण एवं इंतकाल दर्ज करने वाले तत्कालीन सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोग संख्या 36 दिनांक 10.11.2022 थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में दर्ज किया गया। मामले की विस्तृत जांच के उपरांत अब कुल 112 आरोपियों के विरुद्ध चालान माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा सरकारी भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, मिलीभगत और पद के दुरुपयोग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो का उद्देश्य सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई करना है।









