सोनिया गांधी की ऑटोबायोग्राफी पर विवाद! एडिटोरियल बदलाव न मानने पर पेंगुइन ने पीछे खींचे कदम?

नई दिल्ली

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की किताब "बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव" को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने शुक्रवार को साफ कहा कि वह भारत में इस किताब की प्रकाशक नहीं है। 

कंपनी का यह बयान उस समय आया है जब कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए नॉफ ने ऐलान किया था कि यह किताब 10 नवंबर को रिलीज होगी. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सोनिया गांधी ने किताब में बदलाव करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्रकाशक ने किताब छापने से हाथ खींच लिया. पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इस दावे को गलत बताया है। 

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उसने हमेशा यह किताब छापने में दिलचस्पी दिखाई थी और वह इसे छापने के लिए तैयार भी थी. साथ ही यह भी कहा गया कि लेखकों के तथ्यों की जांच करना और उन्हें सुझाव देना प्रकाशन प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा होता है, जो उनका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है. कंपनी ने आगे कहा कि लेखक के साथ हुई गोपनीय बातचीत पर वह आगे कोई टिप्पणी नहीं करेगी। 

इस बीच भारत में किताब का वितरण कौन करेगा, यह अभी साफ नहीं है. लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन पर इसकी ईबुक 2,615 रुपये में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध दिखाई गई है. अमेजन के मुताबिक यह ईबुक विलियम कॉलिंस नाम के प्रकाशक ने छापी है, जो हार्पर कॉलिंस यूके का हिस्सा है. जब से अल्फ्रेड ए नॉफ ने इस किताब का ऐलान किया है, तब से भारत में इसकी रिलीज को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। 

79 साल की सोनिया गांधी, जो कांग्रेस की बड़ी नेता हैं और भारतीय राजनीति की सबसे चर्चित हस्तियों में गिनी जाती हैं, इस किताब में अपनी निजी जिंदगी की कहानी साझा करेंगी. इसमें एक ताकतवर राजनीतिक परिवार में उनकी शादी, राजीव गांधी को खोने का दर्द, जिसने उन्हें राजनीति की दुनिया में ला खड़ा किया, और साल 2004 में प्रधानमंत्री पद ठुकराने जैसे कई पहलू शामिल होंगे. प्रकाशक के मुताबिक किताब में वे इटली में बीते अपने बचपन से लेकर भारत आने की प्रेम कहानी और अपनी जिंदगी बदल देने वाली त्रासदियों तक का सफर बताएंगी। 

गौरव गोगोई का आरोप- BJP सरकार में कुछ लोग किताब पढ़े जाने से डरते हैं
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोनिया गांधी की किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. गौरव गोगोई ने पब्लिशर के बयान को “कमजोर बयान” बताया। 

उन्होंने कहा कि पेंगुइन इंडिया को ‘एग्जाम वॉरियर्स’ और आरएसएस पर कई किताबें प्रकाशित करने में कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में कुछ लोग अब इस बात से डरने लगे हैं कि भारत के लोग किसी किताब को पढ़ें। 

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