ग्वालियर कृषि के क्षेत्र में पंजाब व हरियाणा से भी आगे पहुँचेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा ग्वालियर का नाम लेते ही गौरव की अनुभूति होती है। ग्वालियर की जितनी प्रसिद्धि संगीत सम्राट तानसेन से है, उतनी ही प्रसिद्धि यहाँ की गज़क, किसान और जवानों से भी है। शिक्षा, रक्षा, कृषि, फूड प्रोसेसिंग और दुग्ध उत्पादन में ग्वालियर संभाग पूरे प्रदेश में अग्रणी है। ग्वालियर कृषि के क्षेत्र में भी पंजाब और हरियाणा से आगे पहुँचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर जिले के डबरा तहसील प्रांगण में “बलराम कृषि महोत्सव” के तहत आयोजित हुए कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा वर्तमान वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी के तहत किसानों की सेवा व समृद्धि के लिये “बलराम कृषि महोत्सव” मनाए जा रहे हैं। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण एवं सामाजिक न्याय मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर तेजी के साथ विकास की ओर अग्रसर है। ग्वालियर टेलीकॉम इंडस्ट्रीज का भी बड़ा हब बनने जा रहा है। उन्होंने कहा ग्वालियर क्षेत्र का सेंडस्टोन, पीला सोना यानि सरसों, कनक जैसे गेहूँ और मसूर व चने ने ग्वालियर जिले का परचम पूरे देश में लहराया है। ग्वालियर निश्चित ही कृषि के क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा से भी आगे पहुँचेगा। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी आदर्श गौशाला लाल टिपारा की भी सराहना की। उन्होंने कहा इस गौशाला से प्रेरणा लेकर प्रदेश में अन्य गौशालायें स्थापित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों का आह्वान किया कि वे अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं। यह आईडी किसान भाईयों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उन्हें खेती किसानी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध करायेगी। किसान अपने खेत की ताकत पहचानें। केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर न रहकर फसल विविधीकरण व प्राकृतिक खेती अपनाएं और उन्नत पशुपालन करें। दुग्ध उत्पादन आर्थिक उन्नति का त्वरित माध्यम है।

रबी फसलों की सिंचाई के लिये रात को भी मिलेगी बिजली

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान भाईयों को गेहूँ व चना इत्यादि रबी फसलों की सिंचाई के लिये अब दिन के समय भी बिजली उपलब्ध करायेगी। साथ ही कहा कि सरकार ने किसानों के हित में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वृंदावन गाँव स्थापित करने का महात्वाकांक्षी निर्णय लिया है। इससे गाँव की प्रगति होगी। इसी तरह शहरों में गीता भवन बनवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आह्वान किया कि किसान अपनी जमीन सुरक्षित रखें और विवाहों में होने वाले फिजूलखर्च से बचें। अपने पुत्र-पुत्रियों का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में करें। मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षाबंधन एवं जन्माष्टमी की बधाई भी दी।

किसानों एवं उनके मेधावी बच्चों का हुआ सम्मान, हितलाभ बँटे, प्रदर्शनी भी लगीं

डबरा मंडी प्रांगण में आयोजित हुए “बलराम कृषि महोत्सव” में अपेक्स बैंक के प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव सहित अन्य अतिथियों ने भगवान बलराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मंच से जिले के प्रगतिशील किसानों एवं किसानों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए। इस अवसर पर नवीन कृषि तकनीकों, जैविक खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक व उन्नत पशुपालन पर प्रदर्शनी भी लगाई गई। साथ ही कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण एवं उन्नत कृषि की बारीकियां बताईं गईं।

किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में जुड़ रहे हैं नए-नए आयाम

अपेक्स बैंक के प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौजूदा साल को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उनकी यह किसान हितैषी पहल अत्यंत सराहनीय है। किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों के हित में प्रदेश में तमाम नए आयाम जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारिता में सदस्यता दिलाने के लिये विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि सरकार की योजनायें किसानों तक पहुँचें।

किसानों को मिली ड्रोन तकनीक से लेकर डिजिटल कृषि सेवाओं की जानकारी

डबरा में “बलराम कृषि महोत्सव” के तहत आयोजित होने जा रहे कार्यक्रम में किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं, मौसम आधारित खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई, उन्नत कृषि यंत्रों एवं आधुनिक कृषि प्रबंधन प्रणालियों के संबंध में किसानों को प्रदर्शनी एवं विषय विशेषज्ञों के माध्यम से जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञ किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप खेती की नई पद्धतियों, फसल उत्पादन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा कृषि जोखिमों के प्रभावी प्रबंधन के उपायों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर सफलतापूर्वक प्राकृतिक खेती कर रहे बिलौआ के कृषक  प्राण सिंह सहित अन्य किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कृषि महोत्सव में मनोहारी व देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई।

“बलराम कृषि महोत्सव” में पूर्व मंत्री मती इमरती देवी, प्रदेश भर में आयोजित हो रहे बलराम महोत्सव एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक  कपिल यार्दे,  प्रेम सिंह राजपूत, जनपद पंचायत डबरा की अध्यक्ष मती प्रवेश गुर्जर, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष मती प्रियंका सिंह घुरैया, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष  अमरदीप ओलख एवं जिला पंचायत के सदस्यगणों समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा कलेक्टर मती रुचिका चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सोजान सिंह रावत, एसडीएम डबरा मती जुही गर्ग एवं उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास  भानु प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिले भर से आए प्रगतिशील कृषक मौजूद थे।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786