बिहार में जमीन अधिग्रहण का बदला नियम, अब नई MVR के आधार पर तय होगा मुआवजा

पटना
बिहार में सड़क, रेल और अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण में अब नई एमवीआर (मिनीमन वैल्यू रजिस्ट्रेशन) को आधार बनाया जाएगा।

जून 2026 के बाद जारी हुई भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना की तारीख पर लागू एमवीआर के अनुसार ही जमीन का बाजार मूल्य तय होगा।

सरकार ने इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है। निबंधन विभाग के अनुसार राज्य में जमीन की एमवीआर बढ़ाई गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार मूल्य को 1.6 गुना किया गया है। वहीं, शहरी और शहर से लगे क्षेत्रों में एमवीआर दो गुना की गई है। अब भू-अर्जन अधिनियम, के तहत जारी होने अधिसूचना, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत धारा और रेलवे अधिनियम की धारा की अधिसूचना की तारीख को लागू एमवीआर को जमीन के बाजार मूल्य का आधार बनाया जाएगा।

नया मूल्य तय करने में लगता था समय
सरकार के अनुसार राज्य में लंबे समय से एमवीआर के अद्यतन नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में जमीन का नया बाजार मूल्य तय करने में समय लगता था।

इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी और जमीन की कीमत को लेकर विवाद की स्थिति बनती थी। नई व्यवस्था में अधिसूचना जारी होने की तारीख को लागू एमवीआर को आधार बनाने से इस तरह का असमंजस दूर होगा।

इससे जमीन मालिकों और अधिग्रहण करने वाली एजेंसियों के बीच मूल्य को लेकर विवाद कम होने की उम्मीद है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था के अनुसार ही अर्जनाधीन जमीन का बाजार मूल्य तय करें।

इसका उद्देश्य भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को तेज करना है। साथ ही सड़क, रेल और अन्य लोकहित की परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है।

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