चंडीगढ़.
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआइ ने पंजाब से जुड़े बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य कमल को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। एजेंसी के अनुसार कमल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा होने और रंगदारी व मादक पदार्थों की तस्करी समेत कई गंभीर अपराधों में संलिप्त होने के आरोप हैं।
एफबीआइ ने उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। एफबीआइ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक कमल को जुलाई में अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया था। उस पर कानस्पिरेसी टू इंटरफेयर विद कामर्स बाय एक्सटॉर्शन यानी रंगदारी के जरिये कमर्शियल गतिविधियों में हस्तक्षेप की साजिश का आरोप लगाया गया है। एजेंसी के अनुसार मामले की जांच संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
पंजाब से शुरू हुआ नेटवर्क, अमेरिका तक फैला
एफबीआइ के अनुसार बिश्नोई आपराधिक संगठन की शुरुआत पंजाब में हुई और बाद में इसके कथित नेटवर्क का विस्तार दक्षिणी कैलिफोर्निया समेत अमेरिका के अन्य हिस्सों तक हुआ। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने भारत में रंगदारी से जुटाई गई रकम को अमेरिका तक पहुंचाने और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करने की कोशिश की। अमेरिकी एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कमल और उसके सहयोगियों ने रंगदारी वसूली तथा मादक पदार्थों की तस्करी से जुटाई गई रकम को एकत्र किया। एफबीआइ के दस्तावेजों में एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कमल ने कथित तौर पर नेटवर्क की ओर से 15 हजार डालर की रंगदारी वसूली थी।
आपरेशन हार्ड बाल’ के तहत कार्रवाई
एफबीआइ ने बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ आपरेशन हार्ड बाल शुरू किया है। एजेंसी के मुताबिक इस अभियान के तहत अब तक बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढिल्लों से जुड़े सात लोगों को मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। इन आरोपितों पर हत्या, रंगदारी और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं। एफबीआइ ने लोगों से कमल या मामले से संबंधित कोई जानकारी मिलने पर स्थानीय एफबीआइ कार्यालय, निकटतम अमेरिकी दूतावास अथवा वाणिज्य दूतावास को सूचना देने की अपील की है।
पंजाब कनेक्शन पर भी नजर
बिश्नोई गैंग के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का असर पंजाब से जुड़े आपराधिक नेटवर्क पर भी पड़ रहा है। पिछले कुछ समय में इस गैंग से जुड़े कई संदिग्धों के खिलाफ भारत और विदेशों में कार्रवाई हुई है। अमेरिकी एजेंसियां गैंग के कथित आर्थिक नेटवर्क, रंगदारी वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संपर्कों की जांच कर रही हैं। एफबीआइ ने इस मामले में अब तक 37 आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में अभियोग दर्ज किए जाने की जानकारी दी है।









