राज्य वित्त आयोग की वेबसाइट का लोकार्पण, उप मुख्यमंत्री देवड़ा की मौजूदगी में अध्यक्ष पवैया ने किया शुभारंभ

राज्य वित्त आयोग की वेबसाइट का लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री  देवड़ा की उपस्थिति में अध्यक्ष  पवैया ने किया लोकार्पण

भोपाल
राज्य वित्त आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.sfc.mp.gov.in का लोकार्पण आज वल्लभ भवन में किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा की उपस्थिति में आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया ने वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, आयोग के सदस्य के.के. सिंह,  वीरेंद्र कुमार तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायतें मिलकर व्यापक नागरिक सहभागिता का आधार बनती हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के माध्यम से जनता की अपेक्षाएं और सुझाव सीधे शासन तक पहुंचते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब इन सुझावों को आयोग की कार्य प्रणाली में शामिल किया जाएगा, तो इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई वेबसाइट से आम नागरिक भी आयोग की गतिविधियों से सीधे जुड़ सकेंगे। लोग अपने सुझाव भी ऑनलाइन दे पाएंगे। उन्होंने आयोग के सभी सदस्यों और अधिकारियों को इस पहल के लिए बधाई दी।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होने से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों और आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी।

अपर मुख्य सचिव श्री रस्तोगी ने कहा कि यह वेबसाइट भविष्य में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि आयोग की सूचनाएं, गतिविधियां और अनुशंसाएं अब डिजिटल रूप में आसानी से उपलब्ध होंगी। इससे सूचना तक पहुंच सरल होगी और कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था पर संवाद का प्रभावी माध्यम बनेगा।

राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि आयोग पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनरावलोकन करेगा। वह उनके संसाधनों को मजबूत करने के लिए ठोस अनुशंसाएं देगा। उन्होंने कहा कि वेबसाइट आयोग के कार्यों को जनता तक पहुंचाने और सुझाव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

वेबसाइट के माध्यम से आयोग की कार्य प्रणाली, गतिविधियां और अनुशंसाएं अब डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगी। पंचायतों और नगरीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। इससे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस के शुद्ध राजस्व के वितरण की समीक्षा करेगा। वह राज्य, पंचायतों और नगरीय निकायों के बीच संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा। साथ ही, स्थानीय निकायों को मिलने वाले करों और अनुदानों के सिद्धांतों पर भी विचार करेगा। आयोग भूमि कर, स्टाम्प शुल्क और पेट्रोलियम उत्पादों पर कर से प्राप्त राजस्व के वितरण पर भी सुझाव देगा। इसका उद्देश्य स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। इसके अतिरिक्त आयोग ऋण दायित्व, ब्याज भुगतान और स्थापना व्यय की सीमाओं पर भी विचार करेगा। वह पूंजीगत व्यय, जन-सुविधाओं के विस्तार और प्रोत्साहन नीति पर भी अनुशंसाएं देगा।

आयोग लेखा परीक्षण व्यवस्था की समीक्षा करेगा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रोत्साहित करेगा। वह जन-सुविधाओं के संचालन और रखरखाव में व्यय के युक्तियुक्तकरण पर भी सुझाव देगा। वेबसाइट का शुभारंभ राज्य वित्त आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति और जन-सुविधाओं से जुड़ी जानकारी अब अधिक सुलभ और प्रभावी रूप से उपलब्ध होगी।

 

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