यूपी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी, खराब प्रदर्शन वाले डीएम पर गिरेगी गाज

लखनऊ
यूपी की ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खासकर खराब परफार्मेंस वाले जिलाधिकारियों को हटाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों जिलों-जिलों में जाकर बैठकें की थीं। माना जा रहा है कि इस दौरान मिले फीडबैक के आधार पर ओवरहालिंग की तैयारी है। इसके अलावा शासन में सालों से एक ही विभाग में जमे अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों के दायित्वों में भी बदलाव पर मंथन चल रहा है। इसको लेकर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। अक्तूबर से सरकार पूरी तरह चुनावी तैयारियों में जुट जाएगी। इसीलिए जो भी छोटे से लेकर बड़े स्तर पर बदलाव होने हैं वो इधर ही करने की तैयारी है। जिलेवार फीडबैक प्राप्त कर लिए गए हैं। जिलाधिकारियों के कामों का आकलन कराया जा रहा है। जिनके बारे में भी खराब रिपोर्ट मिली है उनको सबसे पहले हटाया जाएगा। इसके बाद सालों से एक ही जिले व मंडल में जमे जिलाधिकारियों को भी हटाया जाएगा। दिसंबर में जिन आईएएस अधिकारियों को सचिव के पद पर पदोन्नति होनी है उन्हें भी डीएम के पद से पहले ही हटाकर अन्य जगह समायोजित किया जाएगा।

शासन स्तर पर भी बड़े स्तर पर बदलाव की चर्चाएं
इसके साथ ही शासन स्तर पर भी बड़े स्तर पर बदलाव की चर्चाएं चल रही हैं। वेदपति मिश्र महानिदेशक पर्यटन, रविंद्र कुमार प्रथम सचिव नगर विकास और कृष्ण कुमार गुप्ता विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा इसी माह रिटायर हो रहे हैं। इसलिए पद पर भी तैनाती की जानी है। वर्ष 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल सितंबर में सेवानिवृत्त हो रही हैं। राजस्व परिषद अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव परिवहन का दायित्व उनके पास है। इसलिए इन दोनों पदों पर भी तैनाती पर विचार-विमर्श चल रहा है। इसी बैच के दीपक कुमार भी अक्तूबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके पास अपर मुख्य सचिव वित्त, कृषि उत्पादन आयुक्त और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त का दायित्व है। इसलिए इन पदों पर आगे चलकर तैनाती देने को लेकर चर्चाएं हैं।

अधिकारियों के दायित्वों में भी फेरबदल पर मंथन
इसके अलावा शासन स्तर पर कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो सालों से एक ही विभाग के अपर मुख सचिव और प्रमुख सचिव बने हुए हैं। कुछ अधिकारी तो ऐसे भी जिनके पास कई-कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। सूत्रों का कहना है कि इसीलिए शासन स्तर के अधिकारियों के दायित्वों में भी फेरबदल पर मंथन चला रहा है। कहा तो यह भी जा रहा है कि कुछ नामों पर चर्चाएं भी हो चुकी हैं और जल्द ही बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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