भोपाल
आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चल रहे अभियान में अब नोटिस देने के साथ उन संपत्तियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है, जिन्हें हाई कोर्ट से स्टे या स्टेटस-को मिला हुआ है।
निगम ने ऐसे 144 मामलों की सूची तैयार कर ली है। इन मामलों में न्यायालयीन आदेशों की समीक्षा कर स्टे हटवाने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन लगाए जाएंगे। इसके बाद 100 से ज्यादा संपत्तियों में तोड़फोड़ की जाएगी। साथ ही आवासीय संपत्तियों में कारोबार करने नोटिस देकर एक हजार से अधिक सीलिंग की कार्रवाई होगी।
लिहाजा, निगम की टीम रात तक नोटिस देने के काम में जुटी हुई है। अभियान के पांचवें दिन गुरुवार को शहर में 1135 नए नोटिस जारी किए गए। निगम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर की जा रही इस कार्रवाई में अभी तक कुल 3316 नोटिस दिए जा चुके हैं। इसमें नरेला और हुजूर विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे हैं।
बता दें कि निगम प्रशासन ने सड़क की चौड़ाई के आधार पर चार श्रेणियों में शहर की करीब 62,500 व्यावसायिक संपत्तियों को चिह्नित किया है।
सर्वे टीमें प्रमुख सड़कों को आधार बनाकर दोनों तरफ की संपत्तियों की जांच करेंगी। संबंधित वार्डों के संपत्ति कर रिकार्ड भी खंगाले जाएंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्ति का पंजीकृत उपयोग और मौके पर हो रही गतिविधि एक जैसी है या नहीं।
दो चरणों में शहरभर में 3316 नोटिस जारी
नगर निगम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही इस कार्रवाई में अभी तक 3316 नोटिस जारी कर किए जा चुके हैं। इसमें पांच अगस्त से पहले 1018 नोटिस जारी किए थे, जिसमें अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर, बावड़िया कलां में सबसे अधिक 429 नोटिस जारी किए गए थे।
वहीं, पांच अगस्त के बाद दूसरे चरण की कार्रवाई में 2298 नए नोटिस दिए जा चुके हैं।
औरा माल को निगम का नोटिस
गुलमोहर स्थित औरा माल के एलीवेशन में बदलाव किया जा रहा है, जिस पर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा की टीम ने गुरुवार को निरीक्षण किया। निरीक्षण में औरा माल की इमारत में एलीवेशन में बदलाव पाए जाने पर नगर निगम ने धारा 302(1) के तहत नोटिस जारी किया है। संबंधित भवन स्वामी/निर्माणकर्ता से दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्राथमिकता में नदी-तालाब क्षेत्र
निगम ने सभी जोन के अधिकारियों को न्यायालय में लंबित मामलों का रिकार्ड अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। जिन संपत्तियों को स्टे या स्टेटस-को मिला है, उनके आदेशों की प्रतियां लेकर समीक्षा की जाएगी।
जिन मामलों में कार्रवाई की गुंजाइश होगी, वहां स्टे हटाने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन दायर किए जाएंगे। साथ ही नदी किनारे, तालाबों की परिधि, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में होने वाले अवैध निर्माण को प्राथमिकता से जांचा जाएगा।
भोपाल नगर निगम: विधानसभा वार जारी नोटिस का विवरण
| क्र.सं. | विधानसभा क्षेत्र | पहला चरण | दूसरा चरण | कुल नोटिस |
| 1 | नरेला | 99 | 746 | 845 |
| 2 | हुजूर | 315 | 452 | 767 |
| 3 | मध्य विधानसभा | 304 | 395 | 699 |
| 4 | गोविंदपुरा | 185 | 361 | 546 |
| 5 | दक्षिण-पश्चिम | 61 | 190 | 251 |
| 6 | उत्तर विधानसभा | 54 | 154 | 208 |
| योग | समग्र कुल | 1,018 | 2,298 | 3,316 |
अभियान के तहत नोटिस, सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार जारी है। न्यायालय से स्टे वाले मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। जहां आवश्यक होगा, स्टे हटाने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे। – भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम









