हरियाणा में कोचिंग संस्थानों पर कसेगा शिकंजा, पंजीकरण के साथ नियम हुए सख्त

चंडीगढ़
 दिल्ली और लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए हादसों से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। नौकरियों, पेशेवर पाठ्यक्रमों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों को अब नामित पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा।

छात्रों और अभिभावकों को रिझाने के लिए भ्रामक दावे नहीं किए जा सकेंगे। कोचिंग सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। स्कूल-कालेजों के समय के दौरान कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 'हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण और विनियमन) नियम, 2026' के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नए नियमों के अनुसार प्रत्येक मौजूदा निजी कोचिंग संस्थान के साथ-साथ नया कोचिंग सेंटर खोलने की इच्छा रखने वाले किसी भी संस्थान को नामित पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा।

पंजीकरण के लिए दस हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जो इलेक्ट्रानिक माध्यम से देय होगा। संबंधित प्राधिकरण 30 दिनों के भीतर आवेदनों की जांच करेगा और आवेदन सभी प्रकार से पूर्ण पाए जाने पर, तीन साल के लिए वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करेगा।

पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए निजी कोचिंग संस्थान को अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र की समाप्ति से कम से कम एक महीने पहले 5,000 रुपये के नवीनीकरण शुल्क के साथ नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच और त्रुटियों को दूर करने (यदि कोई हो) के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर नवीनीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

पंजीकृत संस्थानों को निर्धारित रिकार्ड बनाए रखने और संबंधित प्राधिकरण को सालाना जानकारी प्रस्तुत करने के अलावा, अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर अपेक्षित जानकारी अपलोड करना अनिवार्य होगा।

कोचिंग संस्थानों को अपने पाठ्यक्रमों और पाठ्यक्रम-सामग्री और शुल्क संरचना, कक्षाओं की संख्या और क्षमता, प्रति बैच अधिकतम छात्रों की संख्या, शिक्षण, परामर्शदाता (काउंसलिंग) और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की योग्यता व बायोडाटा, और छात्रों की संख्या के अनुपात में कोचिंग क्षेत्र के विवरण से संबंधित व्यापक जानकारी प्रदान करना आवश्यक है।

छात्रों को देनी होंगी बुनियादी सुविधाएं
छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाएं यथा फर्नीचर, पर्याप्त रोशनी, पीने योग्य पानी, पुरुष और महिला छात्रों के लिए अलग शौचालय और अग्नि-सुरक्षा उपायों जैसी सुविधाओं के अलावा चिकित्सा सहायता या प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट-एड), पार्किंग, पुस्तकालय या वाचनालय, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर प्रयोगशाला, छात्रावास और कैंटीन उपलब्ध करानी होंगी।

कर्मचारियों को देना होगा चरित्र प्रमाणपत्र
कोचिंग सेंटर संचालकों को बताना होगा कि भवन अपना है या लीज/किराए पर लिया गया है। अग्नि-सुरक्षा प्रमाणन, संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणन और क्या भवन विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) छात्रों के लिए बाधा मुक्त है। इसके अलावा कर्मचारियों के चरित्र और पूर्ववृत्त (एंटीसिडेंट्स) के सत्यापन के संबंध में भी जानकारी प्रस्तुत करना आवश्यक होगा

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786