नई दिल्ली
दिल्ली सरकार ने राजधानी में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली में दो नए फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की है।
इन परियोजनाओं की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) जांच जल्द कराई जाएगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निजी सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
करावल नगर और शकूर बस्ती मार्ग पर परियोजनाएं
करीब पांच किलोमीटर लंबे पहले फ्लाईओवर का प्रस्ताव करावल नगर ड्रेन के ऊपर अंकुर एन्क्लेव से गोकलपुरी मेट्रो स्टेशन तक है। वहीं दूसरा करीब पांच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर गुरु हरकिशन रोड पर ब्रिटानिया चौक से शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन होते हुए आउटर रिंग रोड तक प्रस्तावित है।
आसपास के ढांचों और सुविधाओं का होगा सर्वे
पीडब्ल्यूडी व्यवहार्यता अध्ययन के दौरान आसपास की इमारतों, अतिक्रमण, पेड़ों, सड़क संकेतकों और अन्य स्थायी ढांचों का सर्वे करेगा। साथ ही बिजली, पानी, गैस पाइपलाइन समेत अन्य सेवा लाइनों का भी आकलन किया जाएगा।
पार्किंग और रेलवे फाटकों का भी होगा आकलन
अध्ययन में इन मार्गों पर उपलब्ध पार्किंग व्यवस्था और रेलवे फाटकों के खुलने-बंद होने के समय का भी विश्लेषण किया जाएगा। व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए संबंधित प्राधिकरण को भेजा जाएगा।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, अध्ययन कराने के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निजी सलाहकार नियुक्त करने का टेंडर जारी किया गया है।
लेआउट और ट्रैफिक लोड का तैयार होगा विस्तृत खाका
सलाहकार अंडरपास और ओवरब्रिज का लेआउट तैयार करेगा। इसमें मुख्य सड़क, फुटपाथ, सर्विस रोड, गैर-मोटर चालित वाहनों के लिए लेन, सेंट्रल वर्ज और बस स्टॉप जैसी सुविधाओं का भी विवरण शामिल होगा।
अध्ययन के दौरान इन मार्गों पर कुल वाहनों की संख्या और पीक आवर के ट्रैफिक लोड का भी आकलन किया जाएगा। इसके अलावा परियोजनाओं का वित्तीय, पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव देखते हुए लागत-लाभ विश्लेषण भी तैयार किया जाएगा।









