Punjab High Court का बड़ा फैसला! ‘मावां-धीयां सत्कार’ योजना के फंड ट्रांसफर पर लगी रोक, सरकार को झटका

चंडीगढ़ 

निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए जमा राशि को दूसरी सरकारी योजना में इस्तेमाल करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को बड़ा झटका दिया है। डॉ. अंबेडकर वर्कर्स यूनियन (पंजाब) की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना में निर्माण श्रमिक कल्याण कोष की राशि स्थानांतरित करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है।

याचिका में पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के पुनर्गठन, बोर्ड के विभिन्न फैसलों और पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की मासिक पेंशन में कथित कटौती को भी चुनौती दी गई है।

याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि पंजाब सरकार ने 16 मार्च 2026 को अधिसूचना जारी कर बोर्ड का पुनर्गठन किया, जबकि निर्माण श्रमिकों से संबंधित वर्ष 1996 का कानून सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 में समाहित हो चुका है। ऐसे में पुराने कानून के तहत बोर्ड का पुनर्गठन कानूनी रूप से वैध नहीं है। संगठन का आरोप है कि सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह निर्णय लिया। 

याचिका के अनुसार, पुनर्गठित बोर्ड ने दो जुलाई 2026 को मावां धीयां सत्कार योजना के तहत वित्तीय सहायता देने के लिए निर्माण श्रमिक कल्याण कोष से राशि स्थानांतरित करने का फैसला किया। संगठन का कहना है कि यह कोष केवल निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी अन्य सरकारी योजना में इसका उपयोग कानून के विपरीत है।

पेंशन कटौती पर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बोर्ड ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की मासिक पेंशन में भी कटौती का फैसला लिया है जिससे श्रमिकों के हित प्रभावित होंगे। संगठन ने हाईकोर्ट से 16 मार्च 2026 की बोर्ड पुनर्गठन अधिसूचना, दो जुलाई 2026 के फंड हस्तांतरण के निर्णय और पेंशन कटौती के आदेश रद्द करने की मांग की है। साथ ही योजना में भेजी गई राशि वापस बोर्ड के खाते में जमा कराने और भविष्य में निर्माण श्रमिक कल्याण कोष का उपयोग केवल कानून में निर्धारित उद्देश्यों के लिए करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है।

महिलाओं से जुड़ी योजना जारी रहेगी
मावां-धीयां सम्मान योजना के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। योजना के संचालन में धन की कोई कमी नहीं है। यदि इस संबंध में मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है तो राज्य सरकार अदालत में अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखेगी। महिलाओं के हितों से जुड़ी यह योजना आगे भी जारी रहेगी। -नील गर्ग, प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786