ऑपरेशन हमदर्द : जीआरपी ने आठवें दिन 32 निराश्रित एवं बेसहारा लोगों का तैयार किया डिजिटल डोजियर

भोपाल

यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश जीआरपी द्वारा पूरे प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान "ऑपरेशन हमदर्द" संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म एवं आसपास के क्षेत्रों में रह रहे निराश्रित, बेसहारा, परित्यक्ता महिलाओं, भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों तथा भटके हुए बच्चों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार उनके पुनर्वास एवं परिजनों से मिलाने की कार्रवाई की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल श्री राजाबाबू सिंह के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रेलवे भोपाल श्री अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश की सभी जीआरपी इकाइयों द्वारा अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

अभियान के आठवें दिन 08 जुलाई 2026 को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 26 पुरुष, 5  महिलाएं एवं 1 बालक सहित कुल 32 व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ कर उनके डिजिटल डोजियर तैयार किए गए। जिन व्यक्तियों के परिजन उपलब्ध थे, उन्हें परिजनों से संपर्क कर मिलवाया गया तथा जिनका कोई आश्रय नहीं था, उनके पुनर्वास के लिए संबंधित सामाजिक संस्थाओं एवं आश्रय गृहों से समन्वय स्थापित किया गया।

अभियान प्रारंभ होने से अब तक कुल 270 निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों का डिजिटल डोजियर तैयार किया जा चुका है। इस डिजिटल डेटाबेस से भविष्य में गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान, पुनर्वास एवं अपराध नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य

  •     रेलवे स्टेशनों पर लंबे समय से रह रहे निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों की पहचान करना।
  •     प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल फोटो एवं आवश्यक विवरण संकलित कर रिकॉर्ड तैयार करना।
  •     दिव्यांग, महिलाओं एवं बच्चों के मामलों में संबंधित विभागों के समन्वय से पुनर्वास सुनिश्चित करना।
  •     भिक्षावृत्ति में सक्रिय संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करना।
  •     गुमशुदा एवं भटके हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाना।

मानवीय संवेदनाओं के उदाहरण

जीआरपी आमला द्वारा स्टेशन चेकिंग के दौरान एक निराश्रित वृद्ध व्यक्ति पांडू परते मिले, जो पिछले दो वर्षों से स्टेशन पर भिक्षावृत्ति कर जीवनयापन कर रहे थे। विस्तृत पूछताछ एवं सतत प्रयासों के बाद उनकी पुत्री से संपर्क स्थापित किया गया। नागपुर से पहुंची पुत्री को उनके पिता से सुरक्षित मिलवाया गया, जिससे लंबे समय बाद परिवार का पुनर्मिलन संभव हो सका।

जीआरपी रानी कमलापति (आरकेएमपी) ने मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में घूम रहे सुरेश कुमार, निवासी राजस्थान, की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। जांच में पता चला कि उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट महाराष्ट्र के नासिक जिले में दर्ज थी। सूचना मिलने पर परिजनों ने भोपाल पहुंचकर उन्हें अपने साथ ले जाने की सहमति व्यक्त की।

जीआरपी ग्वालियर ने स्टेशन पर परिजनों से बिछड़े 11 वर्षीय बालक को त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पिता से संपर्क कर सुरक्षित सुपुर्द किया।

रेलवे पुलिस का यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न रहकर सामाजिक सरोकार एवं मानवीय सेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है। अभियान के माध्यम से निराश्रित, असहाय एवं भटके हुए व्यक्तियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनके पुनर्वास तथा परिवारों से पुनर्मिलन की दिशा में प्रभावी प्रयास निरंतर जारी हैं।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786