AI के दौर में टेक नौकरियों पर संकट: भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग हायरिंग में तेज गिरावट

भारत में टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों की हायरिंग की रफ्तार धीमी होती नजर आ रही है. इसका सबसे ज्यादा असर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर पड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि कंपनियां AI और ऑटोमेशन को ज्यादा अपनाने लगी है. एक नए अध्ययन के मुताबिक, कुल मिलाकर नौकरी के अवसर कम हुए हैं लेकिन टेक सेक्टर में नौकरियों की संख्या पिछले कुछ महीनों में और तेजी से घटी है.

लोकप्रिय जॉब पोर्टल इंडीड के अनुसार, मई 2026 में प्लेटफॉर्म पर भारतीय नौकरियों के एड 0.7 प्रतिशत कम हुए, जिनमें से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की नौकरियों में पिछले तीन महीनों में 12.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस एंड सपोर्ट, आईटी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस और डेटा एंड एनालिटिक्स जैसी अन्य तकनीकी नौकरियों में भी 10.2, 9.3 और 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई है.  इंडीड के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि तकनीकी कंपनियां कर्मचारियों को ऑफिस लौटने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं.

क्या कहते हैं आंकड़े?
आंकड़े बताते हैं कि इस समय टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव हो रहे हैं. कंपनियों की हायरिंग और कामकाज अब इस बात पर निर्भर करता है कि वे AI को कितनी अच्छी तरह इस्तेमाल कर पा रही हैं. हालांकि, यह साफ नहीं है कि टेक नौकरियों के एड क्यों कम हुए हैं, लेकिन AI इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है. कई कंपनियां AI से जुड़े नए स्किल वाले कर्मचारियों को हायर कर रहे हैं, जबकि कुछ कंपनियां क्लाउड और ChatGPT जैसे AI टूल्स की मदद से कम कर्मचारियों के साथ ही ज्यादा काम कर रही हैं.

छंटनी का बढ़ रहा है खतरा
वहीं, तकनीकी क्षेत्र में छंटनी धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि पहले यह बहुत कम होती थी. उदाहरण के लिए अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेजन ने लगभग 30,000 कॉर्पोरेट और तकनीकी पदों पर छंटनी की. इस अप्रैल में, मेटा ने 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की. उसी महीने माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 8,750 अमेरिकी कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा की. इसकी लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन मुख्य बात यह है कि तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और इंडीड के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि तकनीकी नौकरियां एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं, जिसमें कुछ पद पूरी तरह से समाप्त हो सकते हैं और फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर (एफडीई) जैसे नए पद सामने आ सकते हैं.

कम कर रही है वर्क फ्रॉम होम की सुविधा
कई कंपनियां अब वर्क फ्रॉम होम की सुविधा को कम कर रही है या पूरी तरह खत्म कर रही है. इंडीड के आंकड़ों के अनुसार, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस और सपोर्ट जैसी नौकरियों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है. इन क्षेत्रों में रिमोट वर्क के अवसर 4.4% तक कम हुए हैं.

इसे लेकर इंडीड का कहना है कि रिमोट वर्क में कमी से यह पता चलता है कि कंपनियों का रुख बदल रहा है और वह अपने कर्मचारियों से ऑफिस में काम करने की उम्मीद कर रही है. खासकर टेक कंपनियों में यह बदलाव हाल के समय में साफ दिखाई दे रहा है. साथ ही कंपनियां ज्यादा उम्मीदवारों को आकर्षित करने के लिए अपनी हायरिंग प्लानिंग में बदलाव कर रही है.

इन नौकरियां में हो रही बढ़त
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर टेक सेक्टर में नौकरियां कम हो रही हैं, वहीं कई दूसरे क्षेत्रों में हायरिंग तेजी से बढ़ रही है. देशभर में खेल, ब्यूटी और हेल्थ, पर्सनल केयर तथा घरेलू सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नई नौकरियां निकली हैं. पिछले तीन महीनों में खेल क्षेत्र में नौकरियां 41%, ब्यूटी और हेल्थ में 36% और पर्सनल केयर और घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं में 34% बढ़ी हैं.

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