फरीदकोट.
किसी कारणवश गलत रास्ते पर चलकर कानून के दायरे में पहुंचे बच्चों को अब नई जिंदगी और नई पहचान देने की दिशा में पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य के आब्जर्वेशन होम में रहने वाले बच्चों के लिए कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस पहल की शुरुआत फरीदकोट स्थित आब्जर्वेशन होम से की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक गुरदित सिंह सेखों सहित कई अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहले चरण में पंजाब के पांच आब्जर्वेशन होम में कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। फरीदकोट के बाद लुधियाना, होशियारपुर और अन्य स्थानों के आब्जर्वेशन होम में भी जल्द यह योजना लागू की जाएगी। इसके बाद इसे राज्य के सभी आब्जर्वेशन होम तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे परिस्थितियों, गलत संगत या अन्य कारणों से ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिससे वे अपराध की दुनिया में पहुंच जाते हैं। ऐसे बच्चों को केवल दंडित करना समाधान नहीं है, बल्कि नया अवसर देना भी जरूरी है। यही सोच इस योजना के पीछे है।
211 बच्चे प्रारंभिक चरण में जुड़े
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि प्रारंभिक चरण में 211 बच्चों को इन पाठ्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इनमें फरीदकोट के 31 बच्चे शामिल हैं। सबसे पहले हेयर ड्रेसिंग का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके बाद मोबाइल मरम्मत जैसे अन्य रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इससे बच्चे व्यावसायिक कौशल सीखकर भविष्य में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों को उनका अतीत भुलाकर नई पहचान बनाने का अवसर देना है। कौशल और आत्मविश्वास के बल पर ये बच्चे अपने जीवन को नई दिशा दे सकेंगे और समाज में सकारात्मक योगदान दे पाएंगे।
सीएम की वायरल वीडियो गिरी राजनीति का परिणाम
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की कथित वायरल वीडियो से जुड़े सवाल पर डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीति का स्तर काफी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने और चरित्र हनन की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसी मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उस पर की जा रही टिप्पणियां और बयान विवाद का विषय बने रहते हैं। सरकार की यह नई पहल बच्चों के पुनर्वास और उनके भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे अनेक बच्चों को जीवन में नई शुरुआत करने का अवसर मिलेगा।









