फतेहाबाद के गांवों में चौपालें हुईं हाईटेक, एसी और इंटरनेट की सुविधा

 फतेहाबाद
 बदलते दौर के साथ हरियाणा के ग्रामीण आंचल की तस्वीर तेजी से बदल रही है। विकास की इस बयार में अब गांवों की पारंपरिक चौपालें भी आधुनिक और हाईटेक रूप अख्तियार करने लगी हैं। कभी केवल पेड़ की छांव या साधारण कमरों तक सीमित रहने वाली ये चौपालें अब वातानुकूलित और इंटरनेट जैसी शहरी सुविधाओं से जगमगा रही हैं।

जिले के कई गांवों में पंचायतों ने इन सामाजिक सरोकार के केंद्रों को शानदार तरीके से विकसित किया है, जो न केवल ग्रामीणों के बैठने का स्थान हैं, बल्कि उनके मनोरंजन और आपसी भाईचारे का मुख्य आधार बन चुकी हैं।

इसी कड़ी में जिले के ऐतिहासिक गांव गोरखपुर की पंचायत ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। गांव के सरपंच मंदीप योगी ने बताया कि उनके गांव में कई चौपालें हैं, जिनमें से मुख्य चौपाल को पूरी तरह से आधुनिक रंग-रूप में ढाल दिया गया है। इस चौपाल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके निर्माण के लिए सरपंच ने अपनी निजी जमीन पंचायत को दान में दी है।

इस नवनिर्मित चौपाल में ग्रामीणों के लिए इंटरनेट से लेकर एसी तक की वीआईपी व्यवस्था की गई है। यहां गांव के बुजुर्ग नियमित रूप से बैठते हैं। सरपंच का मानना है कि इस चौपाल में आकर आपसी चर्चा करने और ताश खेलने से बुजुर्गों का मानसिक तनाव दूर होता है और वे अकेलापन महसूस नहीं करते।

सरपंच ने दान की जमीन, गोरखपुर में तैयार की हाईटेक चौपाल
गांव गोरखपुर के सरपंच मंदीप योगी ने ग्रामीण विकास में व्यक्तिगत योगदान देते हुए खुद की जमीन पंचायत को दान कर दी, जिस पर अब सर्वसुविधायुक्त चौपाल खड़ी है। पंचायत अब गांव की अन्य चौपालों का कायाकल्प करने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है ताकि हर वर्ग को इसका लाभ मिले। ग्रामीण परिवेश में चौपाल केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव का वह सार्वजनिक और लोकतांत्रिक मंच है जहां ग्रामीण संस्कृति धड़कती है। गांव पीलीमंदोरी में भी पंचायत ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया है।

पीलीमंदोरी में चौपाल के साथ बना शानदार विश्राम गृह
गांव पीलीमंदोरी के सरपंच धर्मवीर गोरछिया ने बताया कि पंचायत ने न सिर्फ चौपाल को आधुनिक बनाया है, बल्कि इसके साथ एक सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह का भी निर्माण करवाया है। चौपाल में जहां हवादार पंखे और बैठने की उत्तम व्यवस्था है, वहीं विश्राम गृह में तमाम आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे गांव में आने वाले आगंतुकों को ठहराने में आसानी होती है। सरपंच धर्मवीर गोरछिया का कहना है कि चौपाल गांव का ऐसा मुख्य केंद्र है जहां राजनीति की बिसात बिछती है, सामाजिक नुक्कड़ सभाएं होती हैं और पंचायती फैसले लिए जाते हैं। अब इन चौपालों के हाईटेक होने से ग्रामीण बेहद खुश हैं।

 

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