Indian Railway में बढ़ा VIP Quota, ग्वालियर की 50+ ट्रेनों के हजारों यात्रियों की बढ़ेंगी परेशानियां

ग्वालियर

ग्वालियर से सफर करने वाले आम रेल यात्रियों के लिए आने वाले दिन और भी मुश्किल भरे हो सकते हैं। एक तरफ जहां नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और नो-रूम के कारण आम जनता का सफर बेपटरी हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ रेलवे प्रशासन आम यात्रियों को राहत देने के बजाय इमरजेंसी (आपातकालीन) कोटे का दायरा और बढ़ाने की तैयारी में है। इसमें रेलवे का तर्क है कि वीआइपी लोगों को अचानक आना-जाना पड़ता है, इसलिए यह कोटा बढ़ाया जा रहा है। लेकिन इस कदम से सीधा फायदा सिर्फ रसूखदारों को मिलेगा, जबकि दो-दो महीने पहले टिकट बुक कराकर कतार में खड़ा आम आदमी कंफर्म सीट के लिए तरसता रह जाएगा।

कैंसर मरीजों को राहत, लेकिन आम जनता पर दोहरी मार
इस पूरे मामले में राहत की बात सिर्फ इतनी है कि रेलवे इस कोटे के तहत आम आदमी की श्रेणी में आने वाले कैंसर मरीजों को प्राथमिकता देता है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए रेलवे का यह कदम सराहनीय है, लेकिन इसकी आड़ में वीआइपी सीटों की संख्या बढ़ाए जाने से सामान्य और स्लीपर क्लास के मध्यमवर्गीय यात्रियों का हक मारा जाना तय है।

ग्वालियर से इन ट्रेनों पर असर
ग्वालियर से शुरू होने वाली और यहां से गुजरने वाली लगभग 50 ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा लागू है। वीआइपी कोटा बढऩे से जिन प्रमुख ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, उनमें शामिल हैं। वंदे भारत, शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती, चंबल एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, बरौनी एक्सप्रेस, रतलाम इंटरसिटी और बुंदेलखंड एक्सप्रेस आदि शामिल है।

सीटों से ज्यादा आवेदन
रेलवे की वीआइपी पेटी सुबह होते ही आवेदनों से भर जाती है। रेल प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि कोटा सीमित है, जबकि सिफारिशों का दबाव उम्मीद से कहीं ज्यादा है। सुबह 10 बजे तक रेलवे कार्यालय में माननीयों के प्रतिनिधियों की कतार लग जाती है। कई बार अंतिम क्षणों तक झांसी संपर्क करना पड़ता है।

इन्हें मिलता है कोटा
रेलवे के अनुसार ट्रेनों में कोटा न्यायाधीश, सांसद, विधायक, मंत्री, कैंसर मरीज, एमसीओ (मिलिट्री), सीआरपीएफ और पुलिस आदि को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाता है। इसमें से कुछ का कोटा तो लगभग हर एक दो दिन में लगता ही है।

मंजूरी मिलते ही बढ़ाया जाएगा इमरजेंसी कोटा
हमारे यहां से निकलने वाली कुछ ट्रेनों में भारी मांग को देखते हुए कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कुछ चुनिंदा ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा बढ़ जाएगा।
-अमन वर्मा, सीनियर डीसीएम (झांसी मंडल)

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786