पटियाला/सनौर.
पटियाला डिवेल्पमेंट अथॉरिटी, पटियाला (पी.डी.ए.) की मुख्य प्रशासक अपरना एम.बी. ने बताया है कि पी.डी.ए. द्वारा जिला पटियाला में बिना स्वीकृति के अस्तित्व में आई अनधिकृत कॉलोनियों के विरुद्ध पापरा एक्ट, 1995 की धाराओं के तहत बनती कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य प्रशासक ने बताया कि इस संबंध में कई अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है तथा संबंधित सब-रजिस्ट्रारों को इन 100 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों में प्लॉटों की रजिस्ट्रियां दर्ज न करने संबंधी भी लिखा गया है। अपरना एम.बी. ने आगे बताया कि कॉलोनाइजरों एवं प्रमोटरों द्वारा इन अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, सीवरेज और बिजली की सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जातीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी मेहनत की कमाई इन अनधिकृत कॉलोनियों में न लगाएं और इन अनधिकृत कॉलोनियों में स्थित प्लॉटों की कोई खरीद-फरोख्त न करें।
पी.डी.ए. की मुख्य प्रशासक ने लोगों को सूचित किया कि इन अनधिकृत कॉलोनियों में स्थित प्लॉटों के लिए पी.डी.ए. कार्यालय द्वारा एन.ओ.सी. जारी नहीं किए जाते। इन अनधिकृत कॉलोनियों की पूरी सूची पी.डी.ए. पटियाला कार्यालय की वैबसाइट पर भी देखी जा सकती है।
उन्होंने ऐसे कॉलोनाइजरों और प्रमोटरों को भी चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करने से पहले पुड्डा के नियमों के अनुसार सक्षम अधिकारी से लाइसेंस प्राप्त करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अनधिकृत कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया जाएगा।









