इंस्टाग्राम के जरिए गैंगस्टरों के जाल में फंसा 12वीं का छात्र, हत्या की साजिश नाकाम

चंडीगढ़

 चंडीगढ़ पुलिस ने एक बड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए हत्या की साजिश को नाकाम किया और 12वीं कक्षा के छात्र को पकड़ा. 12वीं कक्षा के छात्र को गैंगस्टरों के लिए तरन तारन के पट्टी इलाके में हत्या करने का काम दिया गया था. हालांकि माता-पिता को नाबालिग को सौंप दिया गया है और काउंसलिंग की सलाह दी गई है.

जानकारी के अनुसार, 12वीं कक्षा के छात्र गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था और करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका. उसी दौरान उसके परिवार ने स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज करवाई थी.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गैंगस्टरों ने उसे अमरकोट बस स्टैंड के पास एक डॉक्टर की दुकान पर फायरिंग करने के लिए कहा था, लेकिन हथियार चलाने का अनुभव न होने के कारण उसने मना कर दिया. बाद में यही वारदात गैंग के अन्य सदस्यों लव भट्टी और अमन शर्मा ने अंजाम दी. करीब 20 दिन बाद नाबालिग वापस घर लौट आया था.

चंडीगढ़ पुलिस ने 12वीं कक्षा के छात्र को किस अपराध की साजिश में पकड़ा?

    Aहत्या की साजिश

    Bचोरी की योजना

    Cनशीले पदार्थों की तस्करी

    Dअपहरण की कोशिश

पुलिस के मुताबिक हाल ही में गैंगस्टरों ने उसे फिर से एक्टिव किया और पट्टी पहुंचकर एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या करने का आदेश दिया. इसके लिए वह चंडीगढ़ में किसी दूसरे व्यक्ति की आईडी पर फर्जी सिम लेने की कोशिश कर रहा था. गैंगस्टर समय-समय पर उसे पैसे भी भेज रहे थे और अब उस पर लगातार दबाव और धमकियां डाल रहे थे. फिलहाल नाबालिग को उसके माता-पिता के हवाले कर काउंसलिंग की सलाह दी गई है.

अभी छात्र का रिजल्ट आना बाकी है
पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग सीधे तौर पर कुख्यात गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था. दोनों गैंगस्टर विदेश में बैठकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़ रहे थे.12वीं कक्षा का छात्र है और उसका रिजल्ट अभी आना बाकी है. करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई.

मारपीट का भी बदला लेना चाहता था
पूछताछ में पता चला कि इलाके में कुछ युवकों की ओर से मारपीट किए जाने के बाद नाबालिग बदला लेना चाहता था. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर गैंगस्टरों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका.  इतना ही नहीं, उसे फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर नए लड़कों की भर्ती करने का काम भी सौंपा गया था. चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को काबू कर लिया, जिससे एक संभावित गैंगवार और हत्या की वारदात टल गई.

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