भागलपुर रेलवे स्टेशन का बड़ा बदलाव: 20 करोड़ की लागत से यार्ड आधुनिकीकरण शुरू

भागलपुर

 भागलपुर रेलवे स्टेशन में बड़े पैमाने पर यार्ड आधुनिकीकरण की शुरुआत हो गई है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 के विस्तार के साथ ही फुटओवर ब्रिज (एफओबी) की सीढ़ियों को चौड़ा किया जा रहा है। एफओबी की एक सीढ़ी को तोड़कर उसके स्थान पर चौड़ी सीढ़ी का निर्माण किया जाएगा।

हालांकि इस काम की शुरुआत अप्रैल में करने की योजना थी, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के कारण देरी हुई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफार्म के विस्तार और यार्ड आधुनिकीकरण का कार्य दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के लिए कुल 20 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर की जा चुकी है।

मालदा एडीआरएम ने किया निरीक्षण
शनिवार को मालदा एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य अधिकारियों की टीम के साथ भागलपुर पहुंचे और निर्माणस्थल का निरीक्षण किया। यह उनके पद संभालने के बाद पहली बार निरीक्षण था।

एडीआरएम ने कहा कि यार्ड का आधुनिकीकरण चरणबद्ध तरीके से होगा। प्लेटफार्म संख्या 2 और 3 का विस्तार कर 23 कोच तक लंबाई बढ़ाई जाएगी। स्टेशन का आधुनिकीकरण ट्रेनों की संचालन क्षमता और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
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दो चरणों में होगा काम
यार्ड और प्लेटफार्म के विस्तार का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

    पहले चरण में: लोहिया पुल की ओर वाले एफओबी की सीढ़ियों की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी।
    दूसरे चरण में: नाथनगर छोर वाली सीढ़ियों का काम शुरू होगा।

इसके साथ ही प्लेटफार्मों को चौड़ा करने का काम भी धीरे-धीरे शुरू किया जाएगा। एफओबी की चौड़ाई बढ़ाने और प्लेटफार्म विस्तार से यात्रियों की आने-जाने में सुविधा होगी

प्लेटफार्म विस्तार से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी
वर्तमान में भागलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2, 3, 5 और 6 की लंबाई कम है, जिससे बड़ी ट्रेनों को प्लेटफार्म 1 और 4 पर ही ठहराया जाता है। प्लेटफार्म दो-तीन के विस्तार और एफओबी की चौड़ाई बढ़ाने के बाद दो नंबर प्लेटफार्म की रेल लाइन को मेन ट्रैक में बदला जाएगा, जिससे ट्रेनें 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगी। वर्तमान में ट्रेनें 30 किमी प्रति घंटे की गति से ही प्लेटफार्म पार कर पाती हैं। प्लेटफार्म का विस्तार करने के लिए स्वीच और प्लेटफार्म बदलने होंगे, जिससे स्टेशन में अधिक जगह मिलेगी और ट्रेनों की संचालन क्षमता बढ़ेगी।

रूट रिले सिस्टम से ट्रेन संचालन होगा आसान
भविष्य में भागलपुर स्टेशन पर रूट रिले सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत सेंट्रलाइज पैनल से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इस प्रणाली के लागू होने के बाद, स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी पैनल की अलग-अलग मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। स्टेशन मास्टर एक ही पैनल से ट्रेन संचालन और शंटिंग का निर्णय ले सकेंगे। पुराने सिस्टम की जगह सिंगलिंग और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू होगी।

सेंट्रलाइज पैनल के लिए दो मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए कुछ रेलवे क्वार्टर तोड़े जाएंगे। यह व्यवस्था भागलपुर-दुमका रेललाइन के दोहरीकरण से भी जोड़ी जाएगी।

यार्ड परिसर में ड्रेनेज और नई लाइनों का विकास
यार्ड में ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे बरसात में जल जमाव की समस्या खत्म होगी। इसके अलावा बड़हरवा से भागलपुर तक तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। यार्ड के भीतर तीन नए लेवल क्रॉसिंग (एलसी) गेट भी लगाए जाएंगे। सुरक्षा और दुर्घटना रोकने की दृष्टि से यह कार्य अहम माना जा रहा है। इस विकास योजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे, और राशि मंजूर भी हो चुकी है।

माड्यूल होल्डिंग और पार्सल बुकिंग कार्यालय का स्थानांतरण
मालदा एडीआरएम ने सर्कुलेटिंग एरिया में माड्यूल होल्डिंग एरिया का निरीक्षण किया। इसके लिए रिजर्वेशन टिकट बुकिंग केंद्र के सामने स्थान चिन्हित किया गया है। होल्डिंग एरिया के निर्माण के लिए रेलवे कर्मियों के क्वार्टर तोड़े जाएंगे, और पार्सल बुकिंग कार्यालय को होल्डिंग एरिया के बगल में शिफ्ट किया जाएगा।

बुक किए गए पार्सलों को स्टेशन तक पहुंचाने के लिए लिंक रोड का निर्माण किया जाएगा। होल्डिंग एरिया से प्लेटफार्म तक जाने के लिए फुटओवर ब्रिज का निर्माण होगा। एडीआरएम ने कहा कि नक्शा मंजूर होने के बाद ही काम शुरू किया जाएगा। योजना के अनुसार, इस साल छठ पर्व से पहले कार्य शुरू हो पाएगा

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