चंडीगढ़
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में पॉलिटिकल पार्टियां पूरी तरह एक्टिव हो गई हैं। इसी सिलसिले में आज चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह की लीडरशिप में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत का विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया। इस दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने डॉक्यूमेंट जारी करते हुए इसे पंथ, पंजाब और भविष्य के लिए एक विज़न बताया। इस मौके पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट सरदार इकबाल सिंह झुंडा की लीडरशिप वाली कमेटी और जानकारों की मेहनत से तैयार किया गया है। प्रोफेसर पूरन सिंह के शब्दों में, 'पंजाब वसदा गुरु दे नात ते' टाइटल से जारी इस घोषणा में पंजाब के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों को एड्रेस किया गया है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने साफ किया कि पंजाब से पंथ को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए पार्टी पंथिक मुद्दों को प्राथमिकता देगी। पंजाब की मौजूदा आर्थिक हालत पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा है और मौजूदा सरकार कर्ज मुक्ति के अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है।
महिलाओं और युवाओं के लिए आरक्षण
युवाओं की हालत पर चिंता जताते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब का युवा दिशाहीन होता जा रहा है। इसी तरह, युवाओं को दिशाहीनता और ड्रग्स से बचाने के लिए पार्टी में 40 परसेंट रिप्रेजेंटेशन देने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया से बड़े पैमाने पर जानकारी मिल रही है, जिसमें से ज्यादातर फेक होती है और इससे उनके विचारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बेरोजगारी और ड्रग्स के बढ़ते असर को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि सरकारें इस मुद्दे को हल करने में नाकाम रही हैं। पार्टी युवाओं को रोजगार के मौके देने और उन्हें सही दिशा में ले जाने के लिए खास प्लान बनाएगी। महिलाओं के अधिकारों के बारे में उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की में महिलाओं का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि जहां 33 परसेंट रिजर्वेशन की बात हो रही है, वहीं वे इससे भी ज़्यादा, 35 परसेंट रिजर्वेशन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम से महिलाओं की भागीदारी और मज़बूत होगी।
हेल्थ, एजुकेशन और एनवायरनमेंट
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि घोषणापत्र में हेल्थ और एजुकेशन को राज्य के दो अहम पिलर माना गया है और इन्हें बेहतर बनाने की बात कही गई है। एनवायरनमेंट कंजर्वेशन, खासकर जंगलों का एरिया बढ़ाना और मत्तेवाड़ा जैसे जंगलों की रक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। सोशल जस्टिस के तहत S. C, S. T, O. B. C. और जनरल कैटेगरी के गरीब तबके के लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाने का वादा किया गया है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह मैनिफेस्टो आनंदपुर साहिब प्रस्ताव की रोशनी में तैयार किया गया है, जिसमें राज्यों को ज़्यादा अधिकार देने की वकालत की गई है। केंद्र सरकार पर राज्यों की शक्तियां छीनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे केंद्र से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह मैनिफेस्टो पूरी तरह से 'ओपन' है और पंजाब की बेहतरी के लिए दूसरे सुझाव भी इसमें शामिल किए जाएंगे।
माइनॉरिटीज़ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश और पंजाब दोनों में माइनॉरिटी सेक्शन की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना पार्टी की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी सेक्शन के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी को बराबर अधिकार मिलेंगे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पार्टी का यह मैनिफेस्टो पंजाब के हर सेक्शन को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिसका मकसद राज्य को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण के लिहाज़ से मज़बूत बनाना है।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC के रवैये पर उठाए सवाल, श्री दरबार साहिब निवास से सामान ले जाना शुरू किया अमृतपाल सिंह, पंजाबी जागरण, अमृतसर: श्री हरमंदिर साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कमेटी पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और उनके व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि हाल ही में जब वह अपने श्री दरबार साहिब निवास से अपना सामान शिफ्ट करवा रहे थे, तो गेट पर तैनात सेवादारों ने उनसे लिखित में साइन करवाने के बाद सामान ले जाने दिया। ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस कार्रवाई को बेहद बुरा बताया और कहा कि लंबे समय से गुरु घर की सेवा कर रहे सेवादार के निजी सामान की तलाशी लेना बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी गैर-कानूनी चीज के शक पर ही तलाशी ली जाती है, लेकिन यहां जानबूझकर नीचा दिखाने की कोशिश की गई है।
अपनी रिटायरमेंट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दो साल से ज्यादा की सर्विस बाकी थी, लेकिन उन्हें 26 फरवरी को जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया, जबकि वह मेडिकल लीव पर थे। उन्होंने कहा कि उनके घर आने-जाने वाले लोगों पर जासूसी की जा रही है और कर्मचारियों द्वारा निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वह घर खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन नए घर के रेनोवेशन के कारण उन्होंने 10-12 दिन और मांगे थे। फंड के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उन्होंने 36 साल श्री गुरु रामदास जी के घर की सेवा की है, अगर कमेटी फंड जारी करती है तो ठीक है, वरना वह भरोसे के गुरु हैं। उन्होंने मैनेजमेंट से अपील की कि मैनेजमेंट में नैतिकता और शालीनता बनाए रखी जानी चाहिए।
इस बारे में मैनेजर भगवंत सिंह धंगेरा ने कहा कि श्री दरबार साहिब के हर गेट पर सेवक तैनात हैं। कोई भी सामान बाहर ले जाने के लिए गेट पास होना जरूरी है, गेट पर तैनात सेवक ने हमेशा की तरह अपनी ड्यूटी निभाई है। सेवकों को बताया गया है कि सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह जो भी सामान बाहर ले जाते हैं, उसके लिए किसी गेट पास या इंस्पेक्शन की जरूरत नहीं है। अगर सिंह साहब ने पहले ही किसी एडमिनिस्ट्रेटर से संपर्क किया होता तो ऐसा नहीं होता, जब मुझे पता चला तो मैंने तुरंत नौकरों को बिना किसी पूछताछ के सामान बाहर निकालने के निर्देश जारी कर दिए। घर खाली होने के बारे में मैनेजर धंगेरा ने कहा कि सिंह साहब ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी।









