लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, उद्योगपति से 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों में जमा कराए पैसे
लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 76 फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के आरोप, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम
लुधियाना में उद्योगपति से 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों का खुलासा, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम
लुधियाना
पंजाब में साइबर अपराधियों ने अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल ठगी को अंजाम दिया है। लुधियाना के एक प्रमुख उद्योगपति जगदीप सिंघल को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करीब 19.84 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने इस मामले में केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि ठगों ने महज 9 महीनों के भीतर 15 अलग-अलग बैंकों के 76 फर्जी (म्यूल) खातों में यह भारी-भरकम राशि ट्रांसफर करवाई।
रिटायर्ड आईजी चहल की तरह ही ठगी का तरीका
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस धोखाधड़ी का तरीका (मोडस ऑपरेंडी) ठीक वैसा ही है, जैसा पिछले साल दिसंबर में रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल के साथ हुआ था। आईजी चहल से भी इसी तरह 8.10 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में भी ठगों ने एक विश्वसनीय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की फर्जी वेबसाइट बनाई और एक नकली डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया। इस डैशबोर्ड पर पीड़ित को रोजाना का व्यापार और भारी मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि उसे और अधिक निवेश करने के लिए उकसाया जा सके।
9 महीनों में 76 बैंक खातों में भेजी गई रकम
एफआईआर के अनुसार, उद्योगपति जगदीप सिंघल के साथ यह खेल 15 मई 2025 से 20 नवंबर 2025 के बीच खेला गया। हैरान करने वाली बात यह है कि 17 से 20 नवंबर के बीच मात्र चार दिनों में पीड़ित ने इन खातों में 5 करोड़ रुपये से अधिक जमा कर दिए।
ठगी के पैसों का बैंकिंग रूट: जांच में पता चला है कि आरोपियों ने दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और बेंगलुरु में फैले 76 'म्यूल' बैंक खातों के जरिए पैसा रूट किया। ये खाते आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक और बंधन बैंक जैसे 15 प्रमुख बैंकों में खोले गए थे।
किस बैंक में कितना पैसा हुआ ट्रांसफर?
जालसाजों के नेटवर्क की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने किस तरह अलग-अलग बैंकों का इस्तेमाल किया:
IDFC बैंक: 19 खातों में 5,14,50,000 रुपये।
ICICI बैंक: 15 खातों में 5,23,80,000 रुपये।
बैंक ऑफ बड़ौदा: 13 खातों में 3,39,00,000 रुपये।
एक्सिस बैंक: 8 खातों में 1,88,00,000 रुपये।
बंधन बैंक: 8 खातों में 1,17,00,000 रुपये। इसके अलावा इंडियन बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, यस बैंक, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा जैसे बैंकों का भी इस्तेमाल लाखों रुपये ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
'अनामिका रॉय' बनकर जाल में फंसाया
पीड़ित जगदीप सिंघल को सबसे पहले फेसबुक के जरिए लालच दिया गया और बाद में व्हाट्सएप पर 'अनामिका रॉय' नामक महिला ने उनसे संपर्क किया। खुद को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर उसने सिंघल का भरोसा जीता।
सिंघल ने पुलिस को बताया, "शुरुआत में मैंने 15 मई 2025 को 1 लाख रुपये का निवेश किया था। फर्जी प्लेटफॉर्म पर मेरा निवेश बढ़कर 4.3 मिलियन डॉलर (करीब 36 करोड़ रुपये) दिखने लगा, जिससे मुझे लगा कि पैसा सुरक्षित है और मुनाफे में है।"
तकनीक की कम जानकारी का उठाया फायदा
शिकायतकर्ता ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक होने और तकनीकी जानकारी कम होने के कारण वह यह नहीं समझ सके कि वेबसाइट असली एक्सचेंज की हूबहू नकल थी। जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने 'टैक्स लायबिलिटी' और 'ग्रीन चैनल' शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये और ऐंठ लिए। पुलिस के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट को चलाने के लिए कई फर्जी सिम कार्ड और डिजिटल पहचान का इस्तेमाल किया गया है। साइबर सेल अब उन संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है जहां से ये खाते संचालित किए जा रहे थे।









