विश्व पृथ्वी दिवस पर INTACH की राष्ट्रीय पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

विश्व पृथ्वी दिवस पर INTACH की राष्ट्रीय पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

ला मार्टिनियर कॉलेज में जीवन का वृक्ष थीम पर 85 छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता

प्रकृति संरक्षण का संदेश देकर युवा पीढ़ी को बनाया पर्यावरण का प्रहरी

लखनऊ
 विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर INTACH लखनऊ चैप्टर द्वारा अखिल भारतीय पोस्टर प्रतियोगिता जीवन का वृक्ष के शहरी चरण का आयोजन ला मार्टिनियर कॉलेज में किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य कक्षा 7 से 9 तक के छात्रों में भारत की समृद्ध प्राकृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना तथा रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न प्रमुख विद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से कराया गया अवगत
कार्यक्रम की शुरुआत प्रकृति एवं विरासत भ्रमण से हुई, जिसका नेतृत्व जाने-माने विशेषज्ञ मोहम्मद अहसन (पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश) तथा ए.के. श्रीवास्तव (रेलवे के पूर्व एजीएम एवं लखनऊ के प्रसिद्ध इतिहासकार) ने किया। इस दौरान छात्रों को प्रकृति, पेड़-पौधों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया। मोहम्मद अहसन ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और जैव विविधता बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

प्रमुख विद्यालयों के छात्रों ने की भागीदारी
भ्रमण के बाद पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें शहर भर के प्रमुख विद्यालयों के छात्रों ने भागीदारी की। इनमें सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की विभिन्न शाखाएं, आर्मी पब्लिक स्कूल, स्टडी हॉल स्कूल, लखनऊ पब्लिक कॉलेज, राजकुमार अकादमी, मॉडर्न अकादमी, विद्यास्थली कनार इंटर कॉलेज, जागृति लोरेटो विद्यालय, होर्नर कॉलेज और ला मार्टिनियर कॉलेज सहित कई संस्थान शामिल रहे। प्रतियोगिता में लगभग 85 छात्रों ने हिस्सा लिया।

छात्रों ने प्रस्तुत किया शानदार चित्रांकन 

छात्रों ने अपने पोस्टरों में क्षेत्र के मूल पेड़ों और झाड़ियों को केंद्र में रखते हुए शानदार चित्रांकन प्रस्तुत किया। किसी ने पत्तियों और फूलों की संरचना दिखाई तो किसी ने फलों, छाल और उनसे जुड़े जीव-जंतुओं का चित्रण किया। कई पोस्टरों में पक्षियों, तितलियों, मधुमक्खियों और अन्य जीवों के माध्यम से प्रकृति के संतुलन को दर्शाया गया। हर पोस्टर के साथ प्रभावशाली नारे भी लिखे गए, जिनमें पर्यावरण बचाने का संदेश प्रमुखता से उभरा।

200 शब्दों का लेख भी किया प्रस्तुत
विशेष बात यह रही कि प्रत्येक प्रतिभागी ने अपने पोस्टर के साथ 200 शब्दों का लेख भी प्रस्तुत किया। इसमें संबंधित पौधे की विशेषताएं, उपयोगिता, पारिस्थितिक महत्व और संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इससे विद्यार्थियों में शोध, लेखन और जागरूकता का समन्वय देखने को मिला। प्रतियोगिता के पोस्टरों का मूल्यांकन अब अखिल भारतीय स्तर पर किया जाएगा। इसमें 100 क्षेत्रीय विजेताओं और 10 राष्ट्रीय विजेताओं की घोषणा बाद में की जाएगी।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786