पंजाब स्कूलों में शुरू होगा ‘यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम’, 9वीं-10वीं के लाखों छात्रों को मिलेगा फायदा

चंडीगढ़.

पंजाब सरकार ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए एंटरप्रेन्योशिप शिक्षा को अब कक्षा 9 और 10 तक विस्तारित करने का फैसला किया है। पहले यह विषय केवल कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए लागू था, लेकिन अब इसे शुरुआती स्तर पर ही अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता जैसे गुण विकसित होंगे। राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के साथ अपनी साझेदारी को अगले तीन वर्षों के लिए और बढ़ा दिया है। यह समझौता (एमओयू) कक्षा 9 से 12 तक कार्यक्रम के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करेगा। इस पहल के तहत राज्य के सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध संस्थानों में इसे लागू किया जाएगा, जिससे करीब 6.4 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

2022 में हुई थी पीवाईईपी की शुरुआत
पंजाब यंग एंटरप्रेन्योर्स प्रोग्राम (पीवाईईपी) की शुरुआत 2022 में की गई थी, जबकि 2025 में कक्षा 11 और 12 के लिए इसे अनिवार्य विषय बनाया गया। इसके बाद से विद्यार्थियों की भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है और आइडिया आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिला है। अब कक्षा 9 और 10 में इसे अनिवार्य तो किया जाएगा, लेकिन इन कक्षाओं में इसके अंक नहीं जोड़े जाएंगे। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सीईओ और सह-संस्थापक मेकिन माहेश्वरी के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं की पहचान करते हैं, उनके समाधान तैयार करते हैं और उन्हें व्यवहारिक रूप में परखते हैं। कई विद्यार्थियों के आइडिया छोटे स्तर के व्यवसाय और सामुदायिक परियोजनाओं में भी बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा में पढ़ाई का फोकस ‘करके सीखने’ (लर्निंग बाय डूइंग) पर है, जिससे विद्यार्थी केवल सिद्धांत तक सीमित नहीं रहते।

युवाओं को अवसर पैदा करने योग्य किया जा रहा तैयार
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के तहत पिछले वर्ष 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को सीड फंडिंग दी गई थी, जबकि इस वर्ष 65 हजार विद्यार्थियों को सहयोग दिया जाएगा। गौरतलब है कि उद्यम लर्निंग फाउंडेशन वर्तमान में राज्य के करीब 3700 स्कूलों में काम कर रही है और देश के 12 राज्यों में उद्यमिता शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। यह संस्था पाठ्यक्रम को मजबूत करने, शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले वर्षों में पंजाब के विद्यार्थी न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को भी नई दिशा देंगे।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786