होशियारपुर.
होशियारपुर क्षेत्र में विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूल की नई इमारत के निर्माण का कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में इस परियोजना की नींव रखी गई। इस नई इमारत का निर्माण होने से न केवल स्कूल में कमरों की कमी दूर होगी, बल्कि छात्रों को बैठने के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान भी उपलब्ध होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया भवन
स्कूल के इस नए बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। इसमें हवादार कमरों के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्कूल की अच्छी इमारत बच्चों के सीखने के स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इस परियोजना के तहत स्कूल परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है ताकि बच्चे एक खुशनुमा माहौल में अपनी शिक्षा ग्रहण कर सकें।
गुणवत्ता और समय सीमा पर जोर
निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। इस भवन को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि अगले शैक्षणिक सत्र तक छात्र नए कमरों का लाभ उठा सकें। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी के लिए एक विशेष टीम भी गठित की गई है जो समय-समय पर प्रगति की जांच करेगी।
क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर
इस स्कूल भवन का निर्माण स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से इस क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता थी। सरकारी स्कूलों के कायाकल्प से अब गरीब परिवारों के बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी।









