अमृतपाल को लेकर केंद्र पहुंची भगवंत मान सरकार: सुरक्षा कारणों से जेल ट्रांसफर रोकने की अपील

चंडीगढ़.

राज्य सरकार ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रखा जाए। सरकार ने इसके पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है।

सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि वे असम सरकार की सहमति लेकर ‘ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952’ तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखने की अनुमति दिलाएं। राज्य सरकार ने इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की अपील की है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले वह करीब एक महीने तक फरार रहा था। उसके खिलाफ 24 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस स्टेशन पर धावा बोला था और एक सहयोगी को छुड़ा लिया था। घटना के बाद पंजाब पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी।

डिब्रूगढ़ जेल में बंद है अमृतपाल सिंह
गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल को एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है। उसकी हिरासत अवधि को अप्रैल 2024 और फिर अप्रैल 2025 में बढ़ाया गया था। अब यह अवधि 22 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रही है।ऐसे में पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि उसकी रिहाई से राज्य की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि पंजाब के डीजीपी और अमृतसर (देहात) के एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने यह सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल को अमृतपाल को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर उसे पंजाब से बाहर ही रखा जाना अधिक उचित होगा।

पंजाब गृह विभाग ने दिया खुफिया इनपुट
यह भी सामने आया है कि पहले डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के नौ साथियों को एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब वापस लाया जा चुका है। हालांकि, अमृतपाल के मामले को अलग मानते हुए सरकार ने उसके लिए विशेष व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जताई है। पंजाब गृह विभाग ने खुफिया इनपुट और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि अमृतपाल को पंजाब के बाहर ही रखना राज्य और सार्वजनिक शांति के हित में है। अब इस पूरे मामले में अंतिम फैसला केंद्र सरकार और असम सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा।

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