रेलवे का बड़ा कदम: ‘क्यू-मित्र’ से Tatkal टिकट में दलाली पर लगेगा ब्रेक

आरा/भोजपुर.

दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आरा जंक्शन पर यात्रियों को जल्द ही अत्याधुनिक 'क्यू-मित्र' सुविधा मिलने जा रही है। हाजीपुर रेलवे जोन के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल के मूल सिद्धांत, यात्री सुविधा, निष्पक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह डिजिटल पहल शुरू की जा रही है। सोनपुर मंडल में इसके सफल क्रियान्वयन के बाद अब इसे आरा जंक्शन पर लागू करने की तैयारी है। इससे यात्रियों को टिकट लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

तत्काल टिकट में अव्यवस्था से मिलेगी राहत
अब तक तत्काल टिकट लेने के दौरान यात्रियों को लंबी कतारों, अव्यवस्था और धांधली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। 'पहले आओ-पहले पाओ' का नियम कई बार टूट जाता था। इसके कारण यात्रियों में असंतोष और विवाद की स्थिति बनती थी। 'क्यू-मित्र' प्रणाली इन समस्याओं को दूर करने का प्रभावी समाधान बनकर सामने आई है। इसके लागू होने से टिकट प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।

क्या है ‘क्यू-मित्र’ प्रणाली
'क्यू-मित्र' एक स्व-सेवा, कियोस्क आधारित डिजिटल कतार प्रबंधन प्रणाली है। इसमें यात्री स्वयं जाकर टोकन प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया में किसी कर्मचारी की सीधी भूमिका नहीं होती, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। आधार आधारित सत्यापन और चेहरे की पहचान के जरिए हर यात्री की पहचान सुनिश्चित की जाती है। टोकन पर यात्री का फोटो, आधार के अंतिम चार अंक, टोकन संख्या और समय दर्ज रहता है।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम
कियोस्क पर पहुंचते ही कैमरा यात्री का चेहरा कैप्चर करता है और आधार कार्ड स्कैन किया जाता है। इसके बाद एआई आधारित प्रणाली तुरंत टोकन जारी कर देती है। तत्काल टिकट काउंटर खुलने से करीब 30 मिनट पहले कर्मचारियों द्वारा फोटो और आधार का मिलान कर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित क्रम के अनुसार ही टिकट जारी किए जाएंगे, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।

सुरक्षा और पारदर्शिता की पुख्ता व्यवस्था
इस प्रणाली में एक आधार कार्ड से प्रतिदिन केवल एक ही टोकन जारी किया जा सकेगा। चेहरे की पहचान तकनीक से दुरुपयोग की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। एसी तत्काल टिकट सुबह 10 बजे और नॉन-एसी टिकट सुबह 11 बजे जारी किए जाएंगे। क्यू-मित्र में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का विकल्प रहेगा। नेटवर्क बाधित होने पर भी यह सिस्टम ऑफलाइन मोड में काम करेगा और बाद में डेटा स्वतः सिंक हो जाएगा।

यात्रियों और कर्मचारियों को होगा लाभ
जहां-जहां यह प्रणाली लागू की गई है, वहां तत्काल टिकट प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विवाद-मुक्त हो गई है। कतार में धांधली की शिकायतें लगभग खत्म हो गई हैं। स्टेशन परिसर में भीड़भाड़ कम हुई है और यात्रियों का रेलवे पर भरोसा बढ़ा है। साथ ही कर्मचारियों को भी अनावश्यक आरोपों और दबाव से राहत मिली है, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सुचारू हुई है।

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